जीएसटी से होगा यूपी को सबसे ज्यादा फायदा

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जीएसटी से होगा यूपी को सबसे ज्यादा फायदा.पहली जुलाई से लागू होने वाली एकल कर व्यवस्था जीएसटी से सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश को होगा. क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा ऐसा राज्य है और यहां पर वस्तुओं की खपत सबसे अधिक है। प्रदेश सरकार बिना उत्पादन के ही टैक्स से अपना खजाना भरेगी.

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जीएसटी के मास्टर ट्रेनर व वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर शक्ति प्रताप सिंह भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि जीएसटी से प्रदेश सरकार को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। गुजरात व महाराष्ट्र ने भी जीएसटी की इस व्यवस्था को देखते हुए अपने उत्पादों पर कुछ और कर लगाने की छूट जीएसटी काउन्सिल से मांगी थी, लेकिन कोई सहूलियत नहीं मिली।जीएसटी की सबसे खास व्यवस्था है कि उत्पाद की खपत देश के जिस राज्य में होगी, उस पर देय टैक्स उसी राज्य की सरकार वसूल करेगी।

यूपी देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता आधारित प्रदेश है, उत्पादन के मामले में इस प्रदेश का ग्राफ सबसे कम है। खाद्यान्न यानी गेहूं, धान, गन्ना, दाल, सरसों का उत्पादन होता हैं और बाहर के प्रान्तों में जाता भी है, लेकिन कृषि आधारित ये इन उत्पादों को सरकार ने पूरी तरह से कर मुक्त कर दिया है। जीएसटी में अधिकतर वस्तुए 28 फीसद के टैक्स के दायरे में आती हैं, इसलिए जिन वस्तुओं की खपत यूपी के बाजारों में होगी उस पर टैक्स प्रदेश सरकार का वाणिज्य कर विभाग वसूल करेगा।

जीएसटी में सेल इनवाइज पूरे देश में एक समान होगी, इसलिए अब प्रान्त बाहर से प्रदेश में माल मंगवाने के लिए परमिट फार्म ( ई- संचरण) की कोई जरूरत नहीं होगी। कारोबारी जो माल प्रान्त बाहर या प्रान्त के भीतर से खरीदेगा, उसका बिल होना जरूरी होगा। कारोबारी प्रान्त बाहर से माल लाएगा तो उसके टैक्स का भुगतान वो उसी प्रान्त में करके आएगा, लेकिन माल बेचने पर वो प्रदेश सरकार को जो टैक्स जमा करेगा उसमें ( इन पुट क्रेडिट टैक्स) पण्राली के तहत पिछले व्यापारी को दिया गया टैक्स काट लेगा, केवल बिक्री पर हुए लाभ पर ही टैक्स जमा करेगा।

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