अन्नदाता और दुर्बल को मिलेगा आर्थिक सुरक्षा का कवच-शिवसिंह यादव, डीजी, संस्थागत वित्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले महीने समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना शुरू की है। पहली बार इस योजना के जरिए 15 करोड़ लोगों को बीमा कवर राज्य सरकार देगी। अगर यूं कहा जाए कि यह विश्व में एक साथ शुरू होने वाली बीमा योजना है तो गलत नहीं होगा। पूरे प्रदेश में करीब 3 करोड़ परिवारों को इसके जरिए बीमा रक्षा मिलेगी। यह बीमा योजना संस्थागत वित्त निदेशालय की देखरेख में शुरू गयी है। इस योजना के बारे में द पॉवर सेंटर टुडे ने निदेशालय के महानिदेशक श्री शिवसिंह यादव से बात की और उनसे जाना इस योजना के बारे में, कि आखिर किसान और आर्थिक तौर से दुर्बल व्यक्ति इस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं। पेश है उनसे बातचीत के अंश।

सवाल-सबसे पहले तो यह बताइये कि समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना को शुरू करने का मकसद क्या है।

हर सरकार और विभाग का मकसद होता है कि जनता को योजनाओं का लाभ मिले। सरकार अनाज से लेकर पढ़ाई और मकान बनाने तक के लिए दुर्बल जनता और किसानों की मदद देती है। लेकिन बीमा एक ऐसी वस्तु है जो आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत है। घर के मुखिया की मृत्यु या स्वास्थ्य खराब होने के बाद परिवार वालों पर क्या गुजरती है यह परिवार वाले ही जानते हैं। लिहाजा समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं कमजोर वर्गों के लोगों को आर्थिक और सामाजिक बीमा सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सरकार करीब 15 करोड़ लोगों को बीमा रक्षा प्रदान करेगी। यह योजना एक पुरानी “कृषक दुर्घटना बीमा योजना” के स्थान पर शुरू की गयी और पहले इसमें किसानों को ही लाभ मिलता था और अब नई योजना में दुर्बल वर्ग को भी फायदा मिलेगा।

सवाल-कब तक यह योजना जनता तक पूरी तरह से पहुंच जाएगी और कब से उसे इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

पिछले महीने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय आखिलेश यादव जी ने इस योजना को औपचारिक तौर पर लागू कर दिया है और इस योजना का लाभ 18 से 70 साल के किसानों को तो मिलेगा ही, जिनके खसरा एवं खतौनी में पंजीकृत हैं। साथ ही दुर्बल वर्ग के लोगों को भी जिनकी सालाना पारिवारिक आय 7500 रुपये से कम है उन्हें भी योजना का पूरा लाभ मिलेगा।

सवाल-समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के फायदे।मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ शिवसिंह यादव किसान कार्ड जारी करते हुए

समाजवादी किसान और सर्वहित बीमा योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सरकार लाभार्थी को कई प्रकार की सुविधाएं मिलेगी। दुर्घटना में हुयी मौत अथवा स्थाई/अस्थाई विकलांगता की सूरत में सरकार लाभार्थी को 2 तरह के लाभ प्रदान करेगी। पहला 5 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत बीमा और दूसरा बीमित व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों को 2.5 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा। इसके साथ ही लाभार्थी को कैशलेस चिकित्सा की सुविधा योजना के अन्तर्गत प्रदान की जायेगी। सभी पात्र लाभार्थियों को मुफ्त में “समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना केयर कार्ड” दिए जायेंगे। इसके अलावा बीपीएल परिवारों एवं समाजवादी पेंशन योजना का लाभ उठा रहे लोगों को आय प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं है।

सवाल-क्या इस बीमा के तहत प्राकृतिक दुर्घटना मसलन सांप के काटे जाने या फिर किसी जंगली जानवर के हमले से घायल होने या फिर मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक मदद मिलेगी।

जी हां। इस स्कीम की यही तो खासियत है। लाभार्थी को योजना का लाभ सांप के काटने अथवा किसी जंगली जानवर द्वारा किये गए नुकसान की सूरत में भी मिलेगा। यह इस तरह की पहली बीमा योजना है जहां सरकार ने इस तरह की दुर्घटनाओं को भी शामिल किया है इस स्कीम के तहत दुर्घटना में अंग – भंग की सूरत में कृत्रिम अंग के लिए 1 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जायेगी। अगर लाभार्थी के साथ अपने राज्य से बहार भी कहीं दुर्घटना होती है तब भी उसे बीमा योजना का पूरा लाभ मिलेगा। दुर्घटना की सूरत में लाभार्थी को प्राथमिक चिकित्सा के लिए 2500 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जायगी बशर्ते की लाभार्थी अस्पताल में भर्ती रहा हो।।

 

सवाल-क्या बीमा योजना के लाभ के लिए लाभार्थी के पास केयर कार्ड होना जरूरी है।

ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर किसी लाभार्थी का कार्ड खो गया है तो उसे भी इस योजना का लाभ मिलेगा। वह कस्टमर केयर में फोन कर कार्ड के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। सरकार योजना के सभी लाभार्थियों को समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना केयर कार्ड मुफ्त में प्रदान करेगी जो की योजना का लाभ उठाने के समय उनके काम आएगा। हालाँकि जिन लाभार्थियों के पास केयर कार्ड नहीं होगा उन्हें भी योजना का पूरा लाभ दिया जाएगा।

केंद्रीय योजनाओं का उद्घाटन करते शिवसिंह यादव साथ में केद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंहसवाल-किसान या कोई व्यक्ति केयर कार्ड कैसे बना सकेगा।

असल में इसके लिए यह कार्य यूपीडेस्को को सौंपा। जो राज्य सरकार का उपक्रम है।‘समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा केयर कार्ड’  बनवाने के लिए मुखिया या जिस व्यक्ति पर परिवार निर्भर हो वह जनसुविधा केन्द्रों या उनके चयनित केंद्रों में जाकर फार्म भरेगा और यहां पर उसका बायोमैट्रिक लिया जाएगा और उसके बाद उसे कार्ड दिया जाएगा। अगर कार्ड खो जाता है तो वह दोबारा वहां पर जाकर पूरी जानकारी देकर फिर से कार्ड बना सकता है।

सवाल-अगर किसी परिवार के मुखिया की किसी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या फिर वह दिव्यांग हो जाता है इस दशा में परिवार को क्या करना होगा।

इस योजना के तहत अगर किसी कि मृत्यु होती है या फिर वह दिव्यांग हो जाता है तो उसे क्लेम के लिए खसरा खतौनी की प्रामाणिक प्रति, मुखिया का आयु प्रमाण पत्र,  आय प्रमाण पत्र, परिवार वितरण पत्र, एफआईआर की प्रति, जीडी की प्रति, मृत्यु प्रमाण पत्र, मुखिया के नॉमिनी के बैंक जानकारी आईएफएससी कोड के साथ देना होगा और अपंगता की स्थिति में सीएमओ का प्रमाण पत्र लगाना जरूरी होगा।

सवाल-यह योजना प्रदेश में कब तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी।

देखिए योजना तो लागू हो चुकी है और हम लोगों ने इस योजना को जन जन तक पहुंचाने का लक्ष्य 28 फरवरी 2017 तक रखा है और उम्मीद करते हैं कि उससे पहले ही यह जन जन तक पहुंच जाएगी। जो हमारा उद्देश्य है। मैं स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहा हूं। हम लोगों ने इसके लिए एक कस्टमर केयर भी शुरू किया है। जिसका ट्राल फ्री नंबर 1520 और कोई भी इसमें फोन कर योजना के बावत जानकारी हासिल कर सकता है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह युद्धस्तर पर कार्य करें ताकि प्रदेश की जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

 

सवाल- आखिर उत्तर प्रदेश सरकार ने इसका ब्रांड एंबेस्डर बॉलीवुड अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्धिकी को ही क्यों बनाया। कोई खास विशेष बात।

असल में सिद्दीकी उत्तर प्रदेश के रहने वाले और ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं। आज के दौर में एक जाने पहचाने स्टार हैं। ऐसे में सरकार के लिए प्रचार प्रसार के जरिए इस योजना को जनता को पहुंचाना आसान होगा। अगर मैं आपसे कहूं की अपनी भाषा में अपनी बात। तो लगत नहीं होगा।

 

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