बिहार में लोजपा के बाद अब उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी में बगावत, रालोसपा की जदयू में विलय की अटकलें

राज्य में लोकजनशक्ति पार्टी के बाद अब राज्य में उपेन्द्र कुशवाहा की अगुवाई वाली आरएलएसपी में टूट हो गई है। पार्टी के 41 नेताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया और आरएलएसपी से नाता तोड़ लिया।

बिहार में लोजपा के बाद अब उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी में बगावत, रालोसपा की जदयू में विलय की अटकलें

पटना। बिहार में छोटे सियासी दलों में फूट का सिलसिला जारी है। राज्य में लोकजनशक्ति पार्टी के बाद अब राज्य में उपेन्द्र कुशवाहा की अगुवाई वाली आरएलएसपी में टूट हो गई है। पार्टी के 41 नेताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया और आरएलएसपी से नाता तोड़ लिया। पार्टी के नेता विनय कुशवाहा ने दावा किया कि अभी और नेता पार्टी का दामन छोड़ेंगे और इस्तीफा देंगे।

बागी गुट के नेता विनय ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता नीतीश सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे थे और अब पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा आज उनके साथ मिल गए हैं और पार्टी का विलय करने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उपेंद्र कुशवाहा ने कुशवाहा समुदाय को गुमराह किया। 90 प्रतिशत आरएलएसपी कार्यकर्ता जदयू के साथ विलय के पक्ष में नहीं हैं। भविष्य में कौन सी पार्टी शामिल होगी, इस सवाल पर, उन्होंने कहा कि वे पार्टी नेताओं से सलाह लेने के बाद इस पर फैसला किया जाएगा।

हालांकि पार्टी के नौवें स्थापना दिवस पर, आरएलएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी का जेडीयू के साथ विलय के सवालपर कहा कि इस पर कोई फैसला नहीं किया गया है और भविष्य में भी पार्टी शिक्षा और किसानों और युवाओं के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में, कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जनता की चिंताओं के मुद्दों पर सवाल उठाती रहेगी। कृषि कानून किसान और जनता का विरोधी है और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए। पार्टी के प्रवक्ता धीरज सिंह कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य परिषद और जिला अध्यक्षों की एक बैठक 13 और 14 मार्च को आगे की रणनीति के लिए बुलाई गई है।