BJP blow in West Bengal: दीदी के सामने शरणागत हुए मुकुल रॉय, अब भगवा ब्रिगेड को लेंगे निशाने पर

BJP blow in West Bengal: बीजेपी को पश्चिम बंगाल में बड़ा झटका लगा है। भाजपा नेता मुकुल रॉय फिर से टीएमसी में शामिल हो गए हैं। इससे पहले मुकुल रॉय ने टीएमसी भवन में ममता बनर्जी से मुलाकात की।

BJP blow in West Bengal: दीदी के सामने शरणागत हुए मुकुल रॉय, अब भगवा ब्रिगेड को लेंगे निशाने पर

BJP blow in West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (west bengal assembly elections) में हार के बाद बीजेपी को एक और झटका लगा है। कृष्णानगर दक्षिण से विधायक मुकुल रॉय (MLA Mukul Roy) अब फिर से टीएमसी में शामिल हो गए हैं। शुक्रवार दोपहर मुकुल रॉय टीएमसी कार्यालय (TMC Office) पहुंचे और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले उन्होंने पार्टी मुख्यालय में ममता बनर्जी और अन्य नेताओं के साथ बंद दरवाजे के पार बैठक की।

वहीं मुकुल रॉय की घर वापसी पर टीएमसी प्रमुख और राज्य की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे खुशी है कि मुकुल घर लौट आया है। बीजेपी में गए कई और नेता वापस आना चाहते हैं हैं। ममता ने कहा कि टीएमसी में ईमानदार नेताओं के लिए ही जगह है। ममता ने कहा कि जिन नेताओं ने बीजेपी की आलोचना की और पैसे के लिए चुनाव से पहले पार्टी को धोखा दिया, वे वापस नहीं आएंगे। वे देशद्रोही हैं। मुकुल राय की रवानगी से भाजपा (BJP) के लिए बड़ा नुकसान होना बताया जा रहा है। दरअसल, 2017 के बाद टीएमसी के दिग्गजों को बीजेपी में लाने में उनकी अहम भूमिका रही है। अब मुकुल रॉय के लौटने के बाद उनके करीबी और समर्थकों (supporters) के भी टीएमसी में जाने की बात मानी जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने से थे नाराज

कहा जा रहा है कि मुकुल रॉय लंबे समय से बीजेपी में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इस साल हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कृष्णानगर दक्षिण से जीतने के बाद मुकुल रॉय की टीएमसी में वापसी की अटकलें (Speculation of a comeback in TMC) लगाई जा रही थीं। इसके पीछे कारण यह भी बताया गया कि बंगाल में विपक्ष के नेता होने के नाते उनका नाम नहीं भेजा गया और कमान सुवेन्दू अधिकारी को सौंपी गई।

 
तब मुकुल रॉय ने अटकलों को खारिज कर दिया था।

हालांकि तब मुकुल रॉय ने टीएमसी में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया था। खुद को भाजपा का सिपाही बताते हुए उन्होंने ट्वीट किया था, भाजपा का सिपाही होने के नाते मेरी लड़ाई राज्य में लोकतंत्र (democracy) स्थापित करने की रहेगी। मैं सभी से अपील करता हूं कि ऐसी अफवाहों को खत्म करें। मैं अपने राजनीतिक रास्ते के बारे में दृढ़ संकल्पित हूं ।

अभिषेक बनर्जी और मुकुल रॉय की मुलाकात

इसके बाद बीते दिनों टीएमसी ने मुकुल रॉय की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया (extended a hand of friendship)। उनकी बानगी तब देखने को मिली जब टीएमसी में नंबर 2 के नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी (nephew Abhishek Banerjee) मुकुल रॉय की अस्पताल में भर्ती पत्नी की तबियत का हाल जानने के लिए पहुंचे थे। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मुकुल रॉय को फोन कर उनकी बीमार पत्नी की हालत जानी और इस बहाने स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की।

मुकुल के बेटे ने ममता की आलोचना करने वालों को दी थी नसीहत

मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय (shubhranshu roy) ने भी फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए ममता सरकार की आलोचना (Criticism of Mamta government) करने वालों को सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार की आलोचना करने वालों को जो जनता के समर्थन से सत्ता में आए, उन्हें पहले अपने भीतर देखना चाहिए।

बैठक से रहे गायब

हाल ही में कोलकाता में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष (BJP state president Dilip Ghosh) द्वारा बुलाई गई बैठक से मुकुल राय भी नदारद थे। कहा गया कि मुकुल राय को अंतिम समय में बैठक की जानकारी दी गई। दूसरी ओर बीजेपी की ओर से कहा गया कि मुकुल रॉय पोस्ट कोविड की शिकायतों के कारण अलग-थलग हैं, इसलिए बैठक में शामिल नहीं हुए।

2017 में टीएमसी छोडक़र भाजपा में शामिल हो गए

मुकुल रॉय टीएमसी छोडऩे वाले पहले नेताओं में से एक थे। 2017 में वह टीएमसी (TMC) छोडक़र बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए और उसके बाद उन्हें बीजेपी में शामिल होने के लिए टीएमसी के कई बड़े नेता मिले।

ALSO READ: Prashant Kishor Meet Sharad Pawar: पवार और पीके की मीटिंग, क्या ये तीसरे मोर्चे की है आहट

मुकुल रॉय का दर्जा टीएमसी सरकार में नंबर 2 नेता के रूप में था। वह यूपीए द्वितीय सरकार में रेल मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा नारद और शारदा घोटाले (Narada and Saradha scam) में भी उनका नाम सामने आ चुका है।

मुकुल रॉय हुए टीएमसी के सिपाही, लेकिन ट्विटर अभी भी है भाजपा उपाध्यक्ष

आज मुकुल रॉय के टीएमसी में शामिल होने के बाद वह शाम तक ट्विटर में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  बने हुए थे। उन्होंने अपने ट्वीटर बॉयो में अपने प्रोफाइल को चेंज नहीं किया था। वहीं इसमें वह अभी भी भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने हुए थे। वहीं मुकुल रॉय उन नेताओं में शामिल थे। जिन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले टीएमसी को अलविदा कहा था।