कांग्रेस में थे तो बंगले के लिए चक्कर लगवाते रहे कमलनाथ, भाजपा में आए तो महज कुछ ही घंटों में 'महाराज' को मिला सरकारी बंगला

राज्यसभा सासंद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपना सरकारी बंगाल देखने को पहुंचे। क्योंकि सिंधिया को 18 साल के इंतजार के बाद राजधानी में बंगला मिला है। वे उसे देखने के लिए रविवार सुबह भोपाल पहुंचे। यहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।

कांग्रेस में थे तो बंगले के लिए चक्कर लगवाते रहे कमलनाथ, भाजपा में आए तो महज कुछ ही घंटों में 'महाराज' को मिला सरकारी बंगला
कांग्रेस में थे तो बंगले के लिए चक्कर लगवाते रहे कमलनाथ, भाजपा में आए तो महज कुछ ही घंटों में 'महाराज' को मिला सरकारी बंगला

भोपाल। शिवराज सरकार को बंगला आवंटित होने के करीब 24 दिन बाद बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया उसे देखने पहुंचे जहां उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया गया। उनके साथ परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और मंत्री तुलसी सिलावट भी थे। करीब डेढ़ एकड़ का यह बंगला पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और दिग्विजय सिंह के बंगलों से बड़ा है।

यह बात राजनीतिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण और दिलचस्प है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक राज्यसभा सांसद को लगभग 18 साल बाद राजधानी में एक बंगला मिला है, दूसरी बात यह है कि उन्हें यह बंगला महज 48 घंटे के भीतर दे दिया गया था। जबकि, कमलनाथ सरकार सिंधिया को बंगले के लिए घुमाती रही।

गौरतलब है कि सिंधिया अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए पिछले कुछ सालों से भोपाल में एक बंगला चाहते थे। लेकिन कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को लगा कि अगर सिंधिया को जगह मिली तो सरकार पर उनका दबाव बढ़ जाएगा।

दिग्गी राजा और कमलनाथ नहीं चाहते थे सिंधिया को बंगला देना

जानकारी के मुताबिक राज्य के पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह कभी नहीं चाहते थे कि सिंधिया को भोपाल में एक बंगला दिया जाए। जबकि सरकार चाहती तो  बंगला एक हफ्ते में सिंधिया को मिल सकता था।

चार बार किया सिंधिया ने आवेदन

राज्यसभा सांसाद सिंधिया ने बंगले के लिए  चार बार आवेदन किया था, जिसे कमलनाथ सरकार में आने के तुरंत बाद गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह को आवंटित किया गया था। कमलनाथ ने यह आवेदन गृह विभाग को भेजा। जैसे ही भूपेंद्र सिंह को इस बारे में पता चला, उन्होंने पहले ही लिख दिया था कि वह अप्रैल 2020 तक इस बंगले को खाली नहीं कर सकते। इस तरह से यह बंगला सिंधिया के हाथ से निकल गया।

सिंधिया ने जिस बंगले को देखा वह कर दिया नकुलनाथ को आवंटित

जब सिंधिया नाराज हो गए तो गृह विभाग ने उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिंक रोड नंबर 1 के साथ एक बंगला लेने के लिए कहा। सिंधिया भी इस बंगले के लिए तैयार थे, लेकिन शिवराज ने आखिरी तक बंगला खाली नहीं किया और इस बीच गृह विभाग ने यह बंगला सांसद नकुलनाथ को आवंटित कर दिया। इस तरह यह बंगला भी सिंधिया के हाथ से निकल गया।