Battle for Matua community: चुनावी कुरूक्षेत्र में एक तरफ बीजेपी तो दूसरी तरफ टीएमसी

Battle for Matua community: मतुआ समुदाय के लिए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (Citizenship Amendment Act (CAA)) को लेकर बीजेपी और और टीएमसी के राजनीतिक रस्साकशी जारी है।

Battle for Matua community: चुनावी कुरूक्षेत्र में एक तरफ बीजेपी तो दूसरी तरफ टीएमसी

Battle for Matua community:  पश्चिम बंगाल में पांच चरण के मतदान हो गए हैं और छठे चरण में मतदान 22 अप्रैल को होना है।  ऐसे में राज्य में चुनावी सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। हालांकि राज्य में कोरोना संकट (Corona crisis) के बीच सियासी दलों ने रैलियों की संख्या को कम कर दिया है। लेकिन डोर टू डोर प्रचार तेज हुआ है। वहीं राज्य में छठे चरण के लिए मतुआ समुदाय (Matua community) कुरूक्षेत्र (Kurukshetra) बना हुआ है। जिसका समर्थन पाने के लिए एक तरफ बीजेपी और दूसरी तरफ टीएमसी खड़ी है। लेकिन इस बार मतुआ समुदाय (Matua community) खुलकर बीजेपी का समर्थन कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतुआ समुदाय (Matua community) को लुभाने के लिए जोर लगाए हुए हैं। क्योंकि राज्य की 20 सीटों पर सीधे तौर पर मतुआ समुदाय निर्णायक है।  असल में मतुआ दलित हिंदू हैं और वह पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश (East Pakistan ie Bangladesh) से बंगाल में बसे हैं। राज्य में मतुआ समुदाय की आबादी लगभग 3 करोड़ से ज्यादा है। लिहाजा राज्य में इसे एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है।  बंगाल में मतुआ आबादी मुख्य रूप से नादिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना और मालदा जिले के कुछ हिस्सों में रहती है। हालांकि राज्य के सभी जिलों में इस समुदाय के लोग रहते हैं। लेकिन इन चार जिलों में मतुआ समुदाय की आबादी काफी ज्यादा है। वहीं उत्तर 24 परगना की 17 सीटों और नादिया की 19 सीटों में छठे चरण में 22 अप्रैल को मतदान होना है।

वहीं मतुआ समुदाय के लिए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (Citizenship Amendment Act (CAA) को लेकर बीजेपी और और टीएमसी के राजनीतिक रस्साकशी जारी है। बीजेपी ने साफ कर दिया है कि राज्य में सरकार बनते ही मतुआ समुदाय (Matua community) को नागरिकता दे दी जाएगी और उनकी परेशानियों को दूर किया जएगा। वहीं राज्य में सीएए को लागू करने को लेकर टीएमसी विरोध कर रही है। इसके कारण मतुआ समुदाय (Matua community) टीएमसी से नाराज है।

Also Read:-बांग्लादेश से पीएम मोदी,साधेंगे बंगाल चुनाव पर निशाना, जानें कौन हैं हरिचंद्र ठाकुर

हालांकि 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने अपनी  रणनीति के तहत मतुआ समुदाय (Matua community) को लुभाने की कोशिश की र मतुआ बहुल बोंगन निर्वाचन क्षेत्र से मतुआ संप्रदाय के संस्थापक हरिचंद ठाकुर (Matua sect founder Harichand Thakur) के वंशज शांतनु ठाकुर ( Shantanu Thakur) को टिकट दिया और वह चुनाव जीतने में कामयाब रहे।