CM Jagan's Increased Power:वाईएसआर ने विधान परिषद में बढ़ाई ताकत, कभी परिषद को भंग करने की बना रहे थे योजना

CM Jagan's Increased Power:राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन ने राज्यपाल कोटे के तहत राज्य सरकार द्वारा नामित चार एमएलसी उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दे दी है।

CM Jagan's Increased Power:वाईएसआर ने विधान परिषद में बढ़ाई ताकत, कभी परिषद को भंग करने की बना रहे थे योजना

CM Jagan's Increased Power:आंध्र प्रदेश के विधान परिषद में वाईएसआर कांग्रेस की ताकत बढ़ गई है। अब राज्य में किसी बिल को पास कराने के लिए परिषद में राज्य सरकार को टीडीपी के विरोध का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि राज्य के परिषद में वाईएसआर के सदस्यों की संख्या बढ़ गई है। असल में राज्य में राज्यपाल द्वारा चार एमएलसी उम्मीदवारों के नामांकन को मंजूरी देने के साथ ही राज्य के विधान परिषद में सत्ताधारी पार्टी के पास बहुमत हो गया है।

राज्य में चार टीडीपी सदस्यों और वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता उमरेड्डी वेंकटेश्वरुलु के सदन से रिटायर होने और राज्यपाल के कोटे के तहत सत्ताधारी दल द्वारा समर्थित चार नए सदस्यों के नामांकन को मंजूरी देने के बाद परिषद में वाईएसआरसीपी के सदस्यों की संख्या बढ़कर 21 हो गई, जबकि टीडीपी के सदस्यों की संख्या घटकर 15 हो गई है।

राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन ने राज्यपाल कोटे के तहत राज्य सरकार द्वारा नामित चार एमएलसी उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दे दी है। गुंटूर जिले से लैला अप्पी रेड्डी, पूर्वी गोदावरी से थोटा त्रिमूरथुलु, पश्चिम गोदावरी से मोशेन राजू और कडप्पा से रमेश यादव जल्द ही एमएलसी के रूप में शपथ लेंगे।

आंध्र प्रदेश विधान परिषद में है 58 सदस्यों की संख्या

आंध्र प्रदेश के विधान परिषद में 58 सदस्य हैं और इसमें से आठ राज्यपाल के कोटे के तहत मनोनीत किए जाते हैं। जबकि चार एमएलसी के कार्यकाल खत् हो गया है। ये सभी टीडीपी के सदस्य हैं। इसके बाद राज्य की विधान परिषद में सदस्यों की संख्या का गणित राज्य की सत्ताधारी सरकार के पक्ष में आय गया है। अभी तक राज्य सरकार को सदन में बिल पारित कराने को लेकर विपक्षी दल टीडीपी के विरोध का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब राज्य में वाईएसआर कांग्रेस के लिए रास्ता साफ हो गया है। 

विधान परिषद में टीडीपी के 22 एमएलसी (गवर्नर कोटे में चार को छोड़कर), वाईएसआरसीपी के पास 13 एमएलसी हैं जबकि बीजेपी का एक सदस्य हैं वहीं चार सदस्य निर्दलीय हैं। राज्यपाल के अधीन चार मनोनीत सदस्यों के जुड़ने से कोटे की संख्या 17 से बढ़कर 21 हो जाएगी। इसके अलावा वाईएसआरसीपी की संख्या और भी बढ़ने की संभावना है क्योंकि खाली एमएलसी को जल्द ही भरा जाएगा। राज्य की विधान परिषद में एमएलसी के छह पद खाली हैं, जिनके लिए चुनाव होना है।

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विधान परिषद को भंग करना चाहते थे जगन मोहन रेड्डी

असल में पिछले साल आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी राज्य की विधान परिषद को खत्म करना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने केन्द्र सरकार से भी बात की। क्योंकि राज्य की विधानसभा में सत्ताधारी पार्टी के पास बहुमत था। लेकिन विधान परिषद में उसके पास बहुमत नहीं था। जिसके कारण जगन मोहन रेड़्डी परिषद को भंग कर एक सदनीय व्यवस्था को लागू करना चाहते थे। असल में राज्य में पहले भी एक बार विधान परिषद को भंग किया जा चुका है। तत्कालीन चंद्रबाबू नायडू सरकार ने राज्य की विधान परिषद में बहुमत न होने के कारण विधान परिषद को भंग किया था।