भाजपा शासित राज्य में अब कैंसर, किडनी और एचआईवी के मरीजों को मिलेगी पेंशन, जानें कितना मिलेगा इलाज का खर्च

राज्य के समाज कल्याण विभाग ने बुजुर्गों को बस किराए में छूट के लिए वरिष्ठ नागरिक पहचान पत्र की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है और उन्हें अब केवल आधार कार्ड, मतदाता कार्ड या पहचान पत्र के आधार पर यह छूट मिलेगी।

भाजपा शासित राज्य में अब कैंसर, किडनी और एचआईवी के मरीजों को मिलेगी पेंशन, जानें कितना मिलेगा इलाज का खर्च

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने कैंसर, किडनी और एचआईवी रोगियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार ने अब वृद्धावस्था पेंशन की तर्ज पर रोगियों को 2250 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही जल्द ही वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने का ऐलान राज्य सरकार करेगी।

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा सरकार अब अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के दायरे में कैंसर, एचआईवी और गंभीर किडनी रोग से पीड़ित राज्य के मरीजों को भी लाएगी। राज्य के सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ओम प्रकाश यादव ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन की तर्ज पर राज्य के कैंसर, किडनी और एचआईवी रोगियों को 2,250 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी।

यादव ने कहा कि राज्य में कैंसर, गंभीर गुर्दे की बीमारियों और एचआईवी से पीड़ित लगभग 25,000 लाभार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके बाद पेंशन को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण, स्वास्थ्य विभाग का पूरा स्टाफ कोविद -19 के साथ बहुत व्यस्त था, जिसके कारण यह योजना शुरू नहीं की जा सकी, लेकिन अब इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। वर्तमान में, 28 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रति माह 2,250 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती है।

वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत

इसके साथ ही रोडवेज बसों में यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुशखबरी है। हरियाणा सरकार के समाज कल्याण विभाग ने बुजुर्गों को बस किराए में छूट के लिए वरिष्ठ नागरिक पहचान पत्र की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है और उन्हें अब केवल आधार कार्ड, मतदाता कार्ड या पहचान पत्र के आधार पर यह छूट मिलेगी। सरकार ने 60 वर्ष महिलाओं को और 65 वर्ष पुरुषों को वरिष्ठ नागरिकों की सीमा में रखा है।  इस आयु सीमा के बाद ही उन्हें किराए में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।