बदली कैदियों की जिंदगी-सीता राम मर्ढी, आइपीएस

एक निजी बैंक के सहयोग से सीता राम मर्ढी ने राज्य मे चार शहरों मे बंदी मोबाइल कैंटीन का भी सफल प्रयोग किया है। बैंक ने मोबाइल कैटरिंग वैन उपलव्ध करवाई, जिनमे तीन कैदी शहर मे घूम घूम कर चाय, पकोड़े और राजमा, चावल बेचते हैं और शाम को अपनी अपनी जेलों मे लौट आते हैं।

बदली कैदियों की जिंदगी-सीता राम मर्ढी, आइपीएस

                                                                 बदली कैदियों की जिंदगी-सीता राम मर्ढी, आइपीएस

शिमला। कभी भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी जेल विभाग को संटिंग पोस्टिंग मानते थे, लेकिन सीता राम मर्ढी  उन अधिकारियों से हैं जो जहां भी जाते हैं अपनी अलग पहचान छो जाते हैं और वहां की तस्वीर बदल देते हैं। यही कारण है की जब हिमाचल पुलिस मे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के इस अधिकारी को जब जेल विभाग का जिम्मा सौंपा गया तो उन्होने यहाँ भी ऐसा काम कर डाला, जो काफी मुश्किल था, लेकिन उनकी सकारात्मक सोच के जरिए कैदियों को सहूलियतें मिलने के साथ ही उनके परिवार के लिए वरदान बना ।

मर्ढी ने हिमाचल प्रदेश की जेलों मे बंदियों के लिए विडियो कान्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की है, जो देश मे पहली बार शुरू हुआ है। हालांकि अब दूसरे राज्यो ने भी ये व्यवस्था अपनाई है लेकिन मर्ढी ने डेढ़ साल पहले ये कदम उठाकर एक मिसाल कायम की। मर्ढी के मुताबिक हमने पाया की बंदियों का रक्तचाप बढ़ा हुआ है और स्वभाव भी रूखा होता जा रहा है। ऐसे मे हमें विडियो कान्फ्रेंसिंग का आइडिया आया। और इसके स्कारात्मक परिणाम मिले हैं। कैदी पहले से अधिक सेहतमंद और खुश रहने लगे  हैं और हफ्ता भर इसी इंतज़ार मे गुज़र जाता है की कब घर वालों से बात हो। इसके लिए घरवालों या कैदी को प्रार्थना पत्र देना होता है और जेल प्रशासन विडियो कान्फ्रेंसिंग की व्यवस्था करता है।  जेल सुधारों की उनकी ये मुहिम यही नहीं रुकी। 


एक निजी बैंक के सहयोग से सीता राम मर्ढी ने राज्य मे चार शहरों मे बंदी मोबाइल कैंटीन का भी सफल प्रयोग किया है। बैंक ने मोबाइल कैटरिंग वैन उपलव्ध करवाई, जिनमे तीन कैदी शहर मे घूम घूम कर चाय, पकोड़े और राजमा, चावल बेचते हैं और शाम को अपनी अपनी जेलों मे लौट आते हैं।  यही नहीं मर्ढी का असली धमाका तो तब आया जब उन्होने बकायदा कैदी बैंड लांच कर डाला। दरअसल 2010 मे एक शादी के दौरान हुए बैंड वालों और बरातियों के झगड़े मे एक बराती की मौत हो गई थी। अदालत ने बैंड को दोषी मानते हुये सभी सदस्यों को उम्र कैद की सजा सुनाई। 


अब मर्ढी ने उसी बैंड को पुनर्जीवित कर डाला है। 15 अगस्त और 26 जनवरी के मौकों पर तो ये बैंड अपनी धुने बिखेरता ही है आप चाहें तो आप भी इसे हायर कर सकते।