Complaint Against IPS:हिंदुओं के खिलाफ 'अभद्र भाषा' करने वाले आईपीएस के खिलाफ गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज, फैशन बन गया है हिंदूओं को गाली देना

Complaint against IPS:पीवी सुनील कुमार आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वह आंध्र प्रदेश में दलित जन आंदोलन भी चल रहे हैं। वह राज्य में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के पद पर तैनात हैं।

Complaint Against IPS:हिंदुओं के खिलाफ 'अभद्र भाषा' करने वाले आईपीएस के खिलाफ गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज, फैशन बन गया है हिंदूओं को गाली देना
PV Sunil Kumar

Complaint against IPS:हिंदूओं को गाली देना और हिंदू धर्म की आलोचना करना आमतौर पर खान मार्केट गैंग और तथाकथित सेकुलरों का एक बड़ा पेशा है। लेकिन नौकरशाही में जब आईएएस और आईपीएस अफसर धर्म के खिलाफ बयान देते हैं औऱ हिंदूओं को अपना निशाना बनाते हैं तो सवाल उठने जायज हैं। एक ऐसा ही मामला आंध्र प्रदेश सामने आया है। जहां एक एडीजी स्तर के अफसर पर हिंदू धर्म और हिंदूओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने की शिकायत दर्ज की गई है। ये आईपीएस अफसर राज्य में एडीजी सीआईडी के पद पर है और इससे पहले भी इस अफसर पर अपने पद के दुरुपयोग के कई मामले सामने आ चुके हैं।

असल में लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (Legal Rights Observatory (LRO)) ने वरिष्ठ दलित आईपीएस अधिकारी पीवी सुनील कुमार (PV Sunil Kumar) के खिलाफ कथित तौर पर जातियों के बीच अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने और हिंदुओं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर शिकायत दर्ज की है। एलआरओ ने दलित आईपीएस अधिकारी पीवी सुनील कुमार पर हिंदुओं के खिलाफ अभद्र भाषा का मामला केन्द्रीय गृहमंत्रालय में दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक एलआरओ ने आंध्र प्रदेश में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) कुमार के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। एलआरओ ने आरोप लगाया गया था कि पीवी सुनील कुमार ने पुलिस बल (अधिकारों का प्रतिबंध)(The Police Forces (Restriction of Rights) Act) अधिनियम, 1966 और केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 की धारा 3 ने धारा का उल्लंघन किया है और उनके खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए।

यही नहीं शिकायत में कहा गया है कि कुमार ने 'आंबेडकर्स इंडिया मिशन' नाम से एक निजी संगठन के जरिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया है और इसमें खुद को जिससे खुद को एक सेलिब्रिटी के रूप में प्रचारित किया गया और अनुसूचित जातियों को हिंदू धर्म, हिंदू देवताओं और पवित्र हिंदू धर्मग्रंथों के खिलाफ भड़काया है। हालांकि कुमार के खिलाफ इस तरह के आरोप पहले से लगते आए हैं।

हालांकि पीवी सुनील कुमार ऐसे पहले आईपीएस अफसर नहीं हैं। जिन्होंने हिंदू धर्म और हिंदूओं के खिलाफ बयान दिया है। बल्कि इससे पहले तेलंगाना के आईपीएस अधिकारी आरएस प्रवीण कुमार के खिलाफ "हिंदू विरोधी" विचारधारा को बढ़ावा देने के आरोप लग चुके हैं। आईपीएस अफसर प्रवीण कुमार पर तेलंगाना सोशल वेलफेयर रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसाइटी के तहत सरकारी स्कूलों और छात्रावासों में पढ़ने वाले बच्चों को हिंदू विरोधी बनाने के लिए शिकायत दर्ज की थी। 

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जानें कौन हैं हिंदू विरोधी आईपीएस पीवी सुनील कुमार

पीवी सुनील कुमार आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वह आंध्र प्रदेश में दलित जन आंदोलन भी चल रहे हैं। वह राज्य में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के पद पर तैनात हैं और अकसर पंचायतों में स्वशासन के लिए आंदोलन की अगुवाई करते हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश में अम्बेडकर के भारत मिशन (एआईएम) नामक एक संगठन की स्थापना की, जिसमें छह लाख से अधिक सदस्य हैं।

संपादक की कलम से..

हिंदूओं को गाली देना और हिंदू धर्म की आलोचना करना आमतौर पर खान मार्केट गैंग और तथाकथित सेकुलरों का एक बड़ा पेशा है। लेकिन नौकरशाही में जब आईएएस और आईपीएस अफसर धर्म के खिलाफ बयान देते हैं औऱ हिंदूओं को अपना निशाना बनाते हैं तो सवाल उठने जायज हैं। आखिर सरकारी नौकरी करने वाले ये अफसर क्या किसी के पे-रोल पर हैं या फिर सियासत में इतने डूब चुके हैं कि वह अपने फायदे के लिए हिंदूओं को टारगेट कर रहे हैं।

वहीं जब दलित आईपीएस अफसर हिंदूओं और हिंदू धर्म पर सवाल उठाते हैं तो उन्हें ये भी नहीं भूलना चाहिए कि वह आज जिस पद पर हैं वह हिंदू धर्म के कारण ही हैं। उनका सेलेक्शन आईपीएस में उनकी काबिलियत के आधार पर नहीं बल्कि आरक्षण के आधार पर हुआ है। लिहाजा इस तरह के अफसरों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए और उन्हें नौकरी से बर्खास्त करना चाहिए। ताकि अन्य अफसरों के लिए मिशाल कायम हो।