Congress Mission Rajasthan:पंजाब के बाद अब कांग्रेस का मिशन मरूधरा, गहलोत को सोनिया गांधी ने किया दिल्ली तलब

Congress Mission Rajasthan:मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को शुक्रवार को दिल्ली तलब किया है। लिहाजा माना जा रहा है कि राजस्थान के सियासी संकट को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है।

Congress Mission Rajasthan:पंजाब के बाद अब कांग्रेस का मिशन मरूधरा, गहलोत को सोनिया गांधी ने किया दिल्ली तलब

Congress Mission Rajasthan:पंजाब कांग्रेस में कई महीनों से चला आ रहा विवाद खत्म होने के कगार पर है। लिहाजा अब कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान पर अपना फोकस कर दिया है। वहीं कहा जा रहा है कि राज्य के सीएम अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली तलब किया है और बताया जा रहा है कि उनकी शुक्रवार को मुलाकात हो सकती है। अशोक गहलोत को गांधी परिवार का करीबी माना जा रहा है और वहीं राज्य में सीएम गहलोत और राज्य के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच विवाद है, जिसके कारण राजस्थान में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। फिलहाल इस मुलाकात पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं। क्योंकि इस मुलाकात के बाद राज्य में कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिनपायलट और उनके समर्थकों को राज्य की राजनीति में मुख्यधारा पर लाया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान  के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को शुक्रवार को दिल्ली तलब किया है। लिहाजा माना जा रहा है कि राजस्थान के सियासी संकट को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है। ये भी चर्चा है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अशोक गहलोत को परामर्श के लिए बुलाया है और इस बैठक में राज्य में पार्टी में आंतरिक स्थिति, राजस्थान के सामने चुनौतियों और सरकार के कामकाज पर चर्चा हो सकती है।

वहीं कहा जा रहा है कि इस बैठक में सचिन पायलट और उनके समर्थकों को लेकर फैसला हो सकता है। क्योंकि पिछले साल जब सचिन पायलट ने पार्टी से बगावत की थी तो तब कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट से वादा किया था कि पार्टी में वापस आने के बाद उन्हें वहीं सम्मान मिलेगा, जो बगावत करने से पहले था। गौरतलब है कि सचिन पायलट राज्य में डिप्टी सीएम होने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी थे।

क्या पंजाब का फार्मूला राजस्थान में लागू करेगा कांग्रेस आलाकमान?

चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान ने जिस तरह से पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को सिद्धू के जरिए साइडलाइन कर दिया है। इस तरह का प्रयोग वह अन्य राज्यों में भी कर सकती हैं। क्योंकि आलाकमान एक हद तक नेताओं की बात सुनती है। लिहाजा आलाकमान ने कैप्टन को ये दिखा दिया है कि वह ही पार्टी में सर्वेसर्वा है। लिहाजा ये भी हो सकता है कि राज्य में यही फार्मूला कांग्रेस आलाकमान लागू करे।

हालांकि अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की गांधी परिवार पर पकड़ को देखते हुए इसकी संभावना कम है। वहीं राजस्थान में सचिन पायलट और उनके समर्थकों का आलाकमान अगले महीने बड़ा तोहफा दे सकता है। क्योंकि सचिन पायलट को लेकर केंद्रीय नेतृत्व की अपनी चिंताएं हैं। क्योंकि राज्य में पायलट लगातार अपना जनाधार बढ़ा रहे हैं। 

सचिन पायलट को मिल सकता है न्याय

हालांकि सचिन पायलट राज्य में अपने सम्मान के लिए पिछले एक साल से संघर्ष कर रहे हैं। वहीं पंजाब प्रकरण के बाद राजस्थान में सचिन पायलट  और उनके समर्थकों को उम्मीद जगी है कि वह भी कैबिनेट में वापसी कर सकते हैं। क्योंकि कांग्रेस आलाकमान ने इसके लिए वादा किया था। वहीं सचिन पिछले एक साल से इस मामले में कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोल रहे हैं।

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यही नहीं पिछले दिनों कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन के ट्विट के बाद राज्य में फिर से चर्चा शुरू हो गई हैं। क्योंकि माकन ने अपने ट्वीट में लिखा था कि जनता गांधी परिवार के नाम पर वोट देती है और राज्यों के सीएम समझते हैं कि जनता ने उन्हें वोट दिया।