Corona Vaccination: हरियाणा में लापरवाही में बर्बाद हो गई कोरोना वैक्सीनेशन की 2.29 लाख डोज

Corona Vaccination: प्रदेश में 45 वर्ष से ऊपर के 60 लाख लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य है, लेकिन सिर्फ चार लाख 90 हजार 714 डोज बची हैं। केंद्र सरकार की सप्लाई पाइप लाइन में भी हरियाणा का कोई आर्डर नहीं बचा है।

Corona Vaccination: हरियाणा में लापरवाही में बर्बाद हो गई कोरोना वैक्सीनेशन की 2.29 लाख डोज

Corona Vaccination:  इसे कोरोना वैक्सीनेशन में लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही कहें या कुछ और, प्रदेश में दो लाख 29 हजार 458 लोगों को लगाई जा सकने वाली वैक्सीन बेकार चली गईं है। प्रदेश में अभी तक 45 लाख दो हजार 220 डोज पहुंची हैं, जिनमें से 40 लाख 11 हजार 506 डोज का इस्तेमाल हुआ है। इसमें से 5.72 फीसद डोज बर्बाद हो गईं। पड़ोसी प्रदेश पंजाब की तुलना में हरियाणा में वैक्सीन की ज्यादा बर्बादी हो रही है।

प्रदेश में 45 वर्ष से ऊपर के 60 लाख लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य है, लेकिन सिर्फ चार लाख 90 हजार 714 डोज बची हैं। केंद्र सरकार की सप्लाई पाइप लाइन में भी हरियाणा का कोई आर्डर नहीं बचा है। ऐसे में खुराक का संकट आ सकता है। इसी तरह 18 से 45 वर्ष के एक करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जानी है, जिसके लिए 66 लाख डोज विभिन्न चरणों में मिलनी है। प्रदेश सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र के हर नागरिक को कोरोना की खुराक देने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया हुआ है। इसे टीकाकरण में लगे कर्मचारियों की लापरवाही कहें या कुछ और, खुराक की बर्बादी में प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर पांचवें स्थान पर चल रहा है। मंत्रलय की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के मुकाबले पंजाब में 4.98 फीसद डोज खराब हुई है।

इसलिए बर्बाद होती है वैक्सीन

दरअसल, कोविशील्ड वैक्सीन की एक शीशी में दस और कोवैक्सीन में 20 डोज होती हैं। एक बार शीशी खुलने के बाद इसे चार घंटे में इस्तेमाल करना जरूरी है। जानकारी के अनुसार अगर तय समय में डोज इस्तेमाल नहीं हो पाती तो वैक्सीन खराब हो जाएगी।

ALSO READ:-Corona Vaccination in Delhi: कोरोना वैक्सीनेशन में दिल्ली सबसे पीछे, ऑक्सीजन के बाद वैक्सीनेशन में 'आप' की सरकार फ्लॉप

सरकार हुई सख्त तो 4.22 फीसद डोज की बर्बादी कम

मरीज कम होने की स्थिति में वैक्सीन की बर्बादी का मामला पकड़ में आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कड़े निर्देश दिए हैं। वैक्सीन सेंटरों में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि टीकाकरण के लिए आवश्यक संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद ही टीके का वायल खोलें। इसका नतीजा यह निकला कि 11 अप्रैल तक प्रदेश में जहां 9.74 फीसद डोज बर्बाद हो रही थी, वहीं अब यह मात्र 5.72 फीसद डोज पर आ गई है।