Devshayani Ekadashi: आज है देवशयनी एकादशी, क्या है इसका महत्व और जानें पूजन का शुभ मुहूर्त

Devshayani Ekadashi:पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब भगवान विष्णु योग निंद्रा में रहते हैं तो संसार का कार्यभार भगवान शिव संभालते हैं। जब भगवान विष्णु चार माह के बाद यानी देवप्रबोधिनी एकादशी के दिन जागते हैं तो देवता स्वर्ग से फूलों की वर्षा करते हैं।

Devshayani Ekadashi:  आज है देवशयनी एकादशी, क्या है इसका महत्व और जानें पूजन का शुभ मुहूर्त

Devshayani Ekadashi: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का हिंदू धर्म (Hindu Religion) में बहुत महत्व है। इसे देवशयनी एकादशी (हर्षायानी एकादशी) भी कहा जाता है।  इसके अलावा कई अन्य नाम हैं। देवशयनी एकादशी 19 जुलाई की रात से शुरू हो गई है और व्रत आज (मंगलवार 20 जुलाई) को रखा जाएगा। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु शयन करने लगते हैं और फिर चार माह के बाद जाग जाते हैं अर्थात देवप्रबोधिनी एकादशी के दिन जो कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर पड़ता है। माना जाता है कि इस दौरान संसार में विवाह, विवाह और धर्म से संबंधित अन्य संस्कार जैसे किसी भी शुभ कार्य को करना वर्जित है। इस दिन संन्यास ले चुके लोगों का चतुर्मास्य व्रत शुरू होता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार (according to mythology) चातुर्मास विशेष रूप से भगवान विष्णु का शयन काल है। इसके अनुसार देवशयनी एकादशी यानी 20 जुलाई को भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी पर योग निंद्रा का आश्रय ले सो जाएंगे। इसके बाद भगवान विष्णु देव दिवाली पर यानी 15 नवंबर को कार्तिक माह की एकादशी में योग नीद्रा से जागेंगे। उस दिन देव प्रबोधिनी एकादशी के पर्व के साथ शादियों की शुरुआत होगी। यही कारण है कि देव प्रबोधिनी एकादशी को शादियों के लिए शुभ समय माना जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार (according to mythology) जब भगवान विष्णु योग निंद्रा में रहते हैं तो फिर शिव संसार के कार्य को ग्रहण करते हैं। जब भगवान विष्णु चार माह के बाद यानी देवप्रबोधिनी एकादशी के दिन जागते हैं तो माना जाता है कि देवता स्वर्ग से फूलों की वर्षा कर अपनी खुशी प्रकट करते हैं।

इस दौरान लोग मांगलिक कार्यों (demanding works) को करने पर जोर देते हैं क्योंकि माना जाता है कि इस समय किया गया कार्य शुभ होता है। देव उठनी एकादशी को देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सभी देवी-देवता धरती पर आते हैं और भगवान विष्णु को जागने की खुशी में दिवाली मनाते हैं। 

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देवशयनी एकादशी मुहूर्त

एकादशी तिथि शुरू - 19 जुलाई, 2021 को रात 09:59 बजे,

एकादशी तिथि समाप्त - 20 जुलाई, 2021 को शाम 07:17 बजे

एकादशी उपवास - 21 जुलाई, 05:36 एएम से 08:21 पीएम

(अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हम उनकी पुष्टिï नहीं करते हैं कृपया उन्हें लागू करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)