Discord in Congress:छत्तीसगढ़ कांग्रेस में कलह, जानें क्या था ढाई साल का फॉर्मूला?

Discord in Congress:हालांकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया ने इस तरह की खबरों को खारिज किया है कि राज्य में कांग्रेस में किसी भी तरह के मतभेद हैं। क्योंकि राज्य में चर्चा है कि कांग्रेस में कलह शुरू हो रही है। क्योंकि राज्य में कांग्रेस की सरकार बने ढाई साल हो गया है।

Discord in Congress:छत्तीसगढ़ कांग्रेस में कलह, जानें क्या था ढाई साल का फॉर्मूला?

Discord in Congress:पंजाब और राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस में कलह की खबरें आ रही हैं। क्योंकि राज्य में कांग्रेस की सरकार बने ढाई साल हो गए हैं और चुनाव के बाद कांग्रेस में ढाई-ढाई साल के कार्यकाल के फार्लूले को लागू किया गया था। हालांकि कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा फिलहाल इस तरह का फार्मूला कांग्रेस में नहीं बना था और पार्टी अभी से 2023 की तैयारी कर रही है। 

बताया जा रहा है कि चुनाव में जीत के बाद  कांग्रेस (Congress) के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में दिए गए फार्मूले के मुताबिक पहले ढाई साल तक भूपेश बघेल और बाकी ढाई साल तक टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाने की बात थी। वहीं पिछले ढाई साल में राज्य में भूपेश बघेल दस जनपथ के करीबी हो गए हैं। लेकिन राज्य में बघेल विरोधी खेमा अब पार्टी के फार्मूले को लागू करने की मांग कर रहा है। हालांकि पूनिया कहते हैं कि ढाई साल से मुख्यमंत्री पद का फार्मूला तय नहीं था और मेरी जानकारी के मुताबिक ढाई साल का कोई फॉर्मूला नहीं है।


 
चुनाव जीतने के बाद बघेल और सिंहदेव थे दावेदार

असल में राज्य में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से दो दावेदार सीएम के पद के लिए थे। लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने भूपेश बघेल पर दांव लगाया जबकि सिंहदेव को आश्वासन दिया गया कि भविष्य में उनकी दावेदारी पर विचार किया जाएगा। सिंहदेव राज्य में कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते हैं। लिहाजा ढाई साल होने के बाद कांग्रेस में सिंहदेव खेमा इस मामले को उठाकर कांग्रेस आलाकमान को उनका वादा याद दिलाना चाहता है।

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राज्य में हुए बघेल मजबूत

फिलहाल राज्य के सीएम भूपेश बघेल मजबूत हुए हैं और उनके कांग्रेस आलाकमान के साथ संबंध भी प्रगाढ़ हुए हैं। पिछले दिनों असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस आलाकमान ने बघेल को जिम्मेदारी दी थी और राज्य के सीएम ने कई दिनों तक असम में डेरा डाला हुआ था। हालांकि कांग्रेस असम में सरकार बनाने में विफल रही। लेकिन इस दौरान बघेल की प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने नजदीकियां बढ़ी।