Drama in Yadav Family : चाचा की नहीं होगी घर वापसी लेकिन गठबंधन होना तय

Drama in Yadav Family : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साफ किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी कांग्रेस या बसपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी, बल्कि छोटे दलों को साथ लेकर चलेगी।

Drama in Yadav Family : चाचा की नहीं होगी घर वापसी लेकिन गठबंधन होना तय

Drama in Yadav Family :  प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (former chief minister) और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party National President Akhilesh Yadav) ने साफ किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly elections) में उनकी पार्टी कांग्रेस या बसपा के साथ गठबंधन नहीं (No alliance with Congress or BSP) करेगी, बल्कि छोटे दलों को साथ लेकर चलेगी। चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) के बारे में उन्होंने कहा कि वह उनकी पार्टी को भी साथ लेकर चलेंगे।

आज तक को दिए गए एक इंटरव्यू में अखिलेश से पूछा गया कि क्या चुनाव से पहले चाचा शिवपाल (Shivpal Yadav) को साथ लाने की कोशिशें की जा रही हैं। क्या उनकी पार्टी भी साथ में चुनाव लड़ेगी? इस पर अखिलेश ने जवाब दिया, जसवंत नगर शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) की सीट है, सपा उस सीट पर कोई उम्मीदवार (Candidate) नहीं उतारेगी। और अगर सपा साथ कोई है जो राजनीतिक परिस्थितियों (political circumstances) से लड़ सकता है तो सपा विचार करेगी। जो भी छोटे दल हैं, सपा उनके साथ चलेगी। उनकी भी पार्टी है। उस पार्टी को भी साथ लेकर चलेंगे । जब उनसे पूछा गया कि गठबंधन होगा या वापस आएंगे तो उन्होंने साफ कहा कि गठबंधन होगा।

2017 के विधानसभा चुनाव (2017 assembly elections) से पहले ही अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के रिश्ते बिगडऩे लगे थे। तब अखिलेश खुद अपने पिता मुलायम सिंह यादव के स्थान पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (SP National President) बने थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, जिसकी वजह से उनकी पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। उस चुनाव में शिवपाल यादव सपा के टिकट पर इटावा की जसवंत नगर सीट से विधायक चुने गए थे। हालांकि, बाद में उन्होंने सपा छोडक़र अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (Progressive Samajwadi Party) बनाई। इससे पहले शिवपाल यादव भी यह भी कहा है कि उनकी पार्टी का सपा में विलय नहीं होगा। हालांकि वे गठबंधन बनाने को तैयार हैं।

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सपा छोटे दलों को साथ लाएगी

अगले चुनाव में गठबंधन (alliance in election) के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी बड़ी पार्टी के साथ गठबंधन (alliance) नहीं करेगी। उन्होंने कहा, बीएसपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन सपा ने किया और अच्छा अनुभव नहीं हुआ। इसलिए हमने तय किया कि हम बड़ी पार्टियों के साथ गठबंधन नहीं करेंगे । सभी नेताओं की राय है कि छोटी पार्टी को शामिल किया जाए। सपा छोटे दलों के साथ गठबंधन कर आगामी चुनाव लड़ेगी।