हरियाणा विधानसभा में खट्टर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे हुड्डा, मुश्किल में चौटाला

असल में राज्य में विधानसभा सत्र में राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के संबोधन के बाद विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा-जेजेपी गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा की है।

हरियाणा विधानसभा में खट्टर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे हुड्डा, मुश्किल में चौटाला

चंडीगढ़। किसान आंदोलन के बीच आज से शुरू हो रहे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस ने खट्टर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। वहीं 12 दिनों तक चलने वाले सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। बजट सत्र के पहले दिन किसानों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव होने की आशंका है। वहीं राज्य के पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिहं हुड्डा राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। इसको लेकर राज्य में बीजेपी की सहयोगी जेजेपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

असल में राज्य में विधानसभा सत्र में राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के संबोधन के बाद विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा-जेजेपी गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा की है। विधानसभा सत्र के दौरान पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चर्चा की मांग करेंगे। इस मुद्दे पर, कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कर रही है, लेकिन इसे स्वीकार या अस्वीकार करना स्पीकर के विवेक पर निर्भर है। हालाँकि, स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने विधानसभा नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि जो बिल लोकसभा में पारित हो गया है और कानून बन गया है, उस पर राज्य विधानसभा में चर्चा नहीं हो सकती है।

वहीं कांग्रेस विधायकों द्वारा लाए जा रहे प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं तो दस दिनों के भीतर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करना आवश्यक होगा। ऐसे में भाजपा-जेजेपी गठबंधन के नेता खट्टर सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को लाने के लिए तत्परता से दावा कर रहे हैं। बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार ने विपक्ष के हाथों से कई बड़े मुद्दों को छीन लिया है।

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असल में राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में हरियाणा के युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार की गारंटी पर फैसला किया है। जो हरियाणा सरकार के लिए बड़ा सेफ गार्ड बनने जा रहे हैं। वहीं माना जा रहा है कि राज्य विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस होने की संभावना है। यही नहीं, कांग्रेस की ओर से कृषि अधिनियम में संशोधन करके, किसान के लिए MSP की गारंटी का प्रावधान लाने के लिए कांग्रेस द्वारा एक निजी सदस्य बिल तैयार किया गया है।

ये है विधानसभा का गणित

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिनमें से दो सीटें खाली हैं। वर्तमान विधानसभा में सदस्यों की संख्या 88 है, जिनमें से 40 भाजपा, 30 कांग्रेस, सात निर्दलीय, 10 जेजेपी विधायक और एक हरियाणा लोकहित पार्टी के विधायक गोपाल कांडा हैं। ऐसे में अगर कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाती है, तो खट्टर सरकार को 45 विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। वहीं बताया जा रहा है कि जेजेपी के 6 विधायक कृषि कानून के खिलाफ हैं और समर्थन करने वाले दो निर्दलीय विधायक भी सरकार छोड़ चुके हैं। इस तरह, 8 विधायक सरकार के खिलाफ हो गए, जिसके बाद वर्तमान में खट्टर सरकार के समर्थन में विधायकों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। इस आधार पर खट्टर सरकार को किसी भी तरह का खतरा नहीं है।