IAS Shailesh Kumar Singh: अब जज भी करेंगे शादी में हंगामा करने वाले डीएम की जांच, सरकार को लगाई लताड़

IAS Shailesh Kumar Singh:अब आईएएस अफसर शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav) की मुश्किलें आने वाले समय में बढेंगे। क्योंकि हाईकोर्ट ने जांच समिति में दो वरिष्ठ आईएएस के साथ उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त जज को तीसरा सदस्य नियुक्त करने का आदेश दिया है।

IAS Shailesh Kumar Singh: अब जज भी करेंगे शादी में हंगामा करने वाले डीएम की जांच, सरकार को लगाई लताड़

IAS Shailesh Kumar Singh: पश्चिम त्रिपुरा में शादी समारोह में हंगामा करने वाले और दूल्हा-दुल्हन, पंडित और मेहमानों सहित महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले आईएएस अफसर शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav) को सरकार ने पद से तो हटा दिया है। लेकिन इस मामले में दायर याचिका के बाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी से शैलेश कुमार यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं राज्य सरकार ने उनके खिलाफ जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई है। फिलहाल डीएम के भद्दे आचरण के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को भी लताड़ लगाई है और कहा कि सरकार ने क्यों उन्हें इस प्रकरण के बाद पद पर रहने दिया।

सस्पेंड कर दिए गए हैं शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav)

वहीं राज्य सरकार ने इस प्रकरण में आईएएस शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav) को सस्पेंड कर दिया और मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है और उन्हें डीएम पद से हटा कर सस्पेंड कर दिया है। 

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

वहीं इस घटना को लेकर त्रिपुरा उच्च न्यायालय में कई याचिकाएँ दायर की गई थीं। इस मामले की सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश ए कुरैशी और न्यायमूर्ति एसजी चट्टोपाध्याय की पीठ ने महाधिवक्ता सिद्धार्थ शंकर डे से पूछा कि सरकार ने मामले में आईएएस अधिकारी के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav) को  डीएम पद से हटा दिया गया है और वह फिलहाल 12 दिन की छुट्टी पर हैं। इस पर, अदालत ने सवाल किया कि 26 अप्रैल को हंगामे के बाद उन्हें पश्चिम त्रिपुरा में रहने की अनुमति कैसे दी गई। वहीं राज्य सरकार ने कहा कि उन्हें राजधानी से दूर दक्षिण त्रिपुरा जिला मुख्यालय बेलोनिया में दी गई पोस्टिंग दी गई है। लेकिन उन्हें कोई पद आवंटित नहीं किया गया है।

शैलेश कुमार यादव की बढ़ेंगी मुश्किलें, आईएएस के साथ जज भी करेंगे जांच

वहीं इस मामले में अब आईएएस अफसर शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav) की मुश्किलें आने वाले समय में बढेंगे। क्योंकि हाईकोर्ट ने जांच समिति में दो वरिष्ठ आईएएस के साथ उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश सुभाष सिकदर (Judge Subhash Sikdar) को तीसरा सदस्य नियुक्त करने का आदेश दिया है। क्योंकि आम तौर पर आईएएस अफसर अपने सहयोगियों को बचा देते हैं। लिहाजा तीसरे सदस्य की नियुक्ति के बाद इसकी गुंजाइश नहीं होगी।

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वहीं हाईकोर्ट ने एक याचिका दायर कर याचिकाकर्ताओं और सरकार से उस रात कई महिलाओं की गिरफ्तारी के बारे में स्थिति बताने को कहा है। क्योंकि कानूनी तौर पर किसी भी महिला को शाम छह बजे के बीच गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। जबकि शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav) ने महिलाओं के साथ ही दुर्व्यवहार ही नहीं किया बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी किया। जिन्हें अगले दिन छोड़ा गया।

जानें क्या है मामला

असल में तत्कालीन पश्चिमी त्रिपुरा के जिलाधिकारी शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav) ने 26 अप्रैल को, दो विवाह समारोहों में टीम बल के साथ एक छापे के बाद में दुल्हन की माँ ने उन्हें शादी समारोह की अनुमति का पत्र दिखाया, तो उसने उसे फाड़कर उसे अपने चेहरे पर रख लिया। दुल्हे को कमरे से बाहर धकेलने के बाद, दुल्हन से बाहर कर दिया और वहीं मंडप में बैठे बुजुर्ग पंडित को थप्पड़ मारकर भगा दिया गया। उनके साथ मौजूद पुलिसवाले भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने मेहमानों को लाठी, लात और थप्पड़ मारकर वहां से भगाया।

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यही नहीं आईएएस शैलेश कुमार यादव (Shailesh Kumar Yadav) का पारा चढ़ा कि आखिर शादी का समारोह दस बजे तक क्यों जारी रहा। इसके बाद, उन्होंने महिलाओं के कमरे में प्रवेश किया और मेहमानों को अंग्रेजी-हिंदी में गंवार और जाहिल कहना शुरू कर दिया। जब एक बुजुर्ग ने मामले को संभालना चाहा, तो उसे लोक सेवक के काम में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लेने का आदेश दिया गया।