क्या वर्फ फ्रॉम में आप frozen Shoulder की बीमारी से हैं पीड़ित, तो योगी प्रशांत शर्मा से जानें योग के टिप्स

क्या वर्फ फ्रॉम में आप frozen Shoulder की बीमारी से हैं पीड़ित, तो योगी प्रशांत शर्मा से जानें योग के टिप्स

लखनऊ। कोरोना संकटकाल में लोग घरों में बंध कर रहे गए हैं। वहीं घरों से ऑफिस का कार्य किया जा रहा है। यानी ज्यादा घंटे कंप्यूटर या लैपटॉप में समय बित रहा है। इसके कारण लोगों के कंधे और गर्दन की शिकायतें आ रही हैं। असल में एक ही स्थिति में बैठने के कारण ये बीमारी हो जाती है। कंधे की अकड़न या फ्रोज़न शोल्डर (Adhesive Capsulitis / एडहेसिव कैप्सुलिटिस), एक ऐसी स्थिति है जिससे कंधे में दर्द और कंधे की अकड़न हो जाती है और अंततः ऊपरी बांह और कंधे को हिलाना मुश्किल हो जाता है। फ्रोज़न शोल्डर के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं और समय के साथ बिगड़ते जाते हैं। योग गुरू योगी प्रशांत बता रहे हैं कैसे फ्रोजन शोल्डर के निवारण के लिए योग तकनीकों का उपयोग कर कंधे के दर्द से राहत मिल सकती है और कंधे को चलाने की क्षमता में इजाफा होता है।


 
आज के युग में शरीर बहुत तनाव झेलता हैं सबसे अधिक आपके कंधे में इसका असर देखा जाता है। क्योंकि शहरी जीवन शैली, दिनभर सक्रियता, अपने रोज़मर्रा के कामों के कारण गर्दन और कंधे में दर्द होता है। इसके कई कारण भी हैं। मसलन ड्राइविंग, कंप्यूटर, मोबाइल चलना इत्यादि प्रमुख़ रूप से जिसके फलस्वरूप हमारे कंधो में अकड़न, सूजन, दर्द, खिंचाव, इत्यादि समस्याएं आ जाती है। यह पुरुषों एवं महिलाओं दोनों में यह बीमारी आज कल अधिक देखने को मिल रही है।

फ्रोजन शोल्डर कैसे बढ़ता है?

कंधे की अकड़न आमतौर पर धीरे-धीरे और तीन चरणों में विकसित होते हैं। इन चरणों में से प्रत्येक कई महीनों तक रह सकता है।

दर्दनाक चरण /Painful Stage: इस चरण के दौरान, आपके कंधे की किसी भी गतिविधि में दर्द होता है, और आपके कंधे कंधे को चलाने की क्षमता सीमित होने लगती है। यह चरण 3 से 9 महीने तक रहता है।

फ्रोज़न चरण / Frozen Stage: इस अवस्था के दौरान दर्द कम होना शुरू हो सकता है। हालाँकि, आपका कंधा अकड़ जाता है, और आपकी कंधे को चलाने की क्षमता भी काफी कम हो जाती है। यह चरण 4 से 12 महीने तक रहता है।

विगलन चरण / Thawing stage: विगलन अवस्था के दौरान, आपके कंधे को चलाने की क्षमता में सुधार शुरू होता है। इसमें 12 से 42 महीने तक का समय लग सकता है।

फ्रोजन शोल्डर क्यों होता है?

फ्रोजन शोल्डर में, कंधे का कैप्सूल सूजकर मोटा हो जाता है। जब आप कंधे की चोट, ऊपरी शरीर के किसी भी हिस्से की सर्जरी, मोटर हानि विकार / motor impairment disorder (सभी न्यूरोलॉजिकल परेशानियॉं), मधुमेह, हृदय की स्थिति इत्यादि के कारण सामान्य रूप से कंधे के जोड़ का उपयोग करना बंद कर देते हैं, तब यह फ्रोजन शोल्डर में विकसित हो जाता है।

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फ्रोजन शोल्डर में कब तक कंधे में दर्द रहता है?

बिना किसी हस्तक्षेप के, फ्रोज़न शोल्डर का दर्द 2 से 12 महीनों के बीच तक चल सकता है। जिसके बाद आप दर्द को कम महसूस करना शुरू कर देते हैं और कंधे की कुछ गतिविधियों को फिर से शुरू कर देते हैं। उचित उपचार के साथ, समय अवधि को घटाकर इसके स्वतः रिकवरी समय को आधा किया जा सकता है।

योगिक उपचार

योगिक सूक्ष्म व्यायम, कुछ प्रमुख़ आसनों के माध्यम से हमे कंधों की जकड़न से लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
1. ग्रीवा संचालन
2. स्कन्ध संचालन
3. कंधा शक्ति विकासक क्रिया
4. ताड़ासन
5. कटी चक्रासन
6. अर्ध चक्रासन
7. सर्पासन
8. मार्जरिआसन
9. मर्कटासन
10. सेतुबंधआसन
11. नाड़ी शोधन प्राणायाम
12. भ्रामरी प्राणायाम 

सावधानियां-

1. योगाभ्यास करने के लिए आपको उचित स्थान एवं उत्तम वातावरण व योग प्रशिक्षक की देख-रेख में करे।

2. बहुत ज्यादा भार उठाने से बचे।

3. योग का नियमित अभ्यास करें जिससे कंधों की जकड़न कम होगी एवं रक्त संचार सामान्य तथा आंतरिक सूजन में भी कमी आना प्रारंभ हो जाएगा।