सिब्बल की राहुल गांधी को नसीहत या गांधी परिवार का विरोध, क्या हैं मायने

सिब्बल की राहुल गांधी को नसीहत या गांधी परिवार का विरोध, क्या हैं मायने
सिब्बल की राहुल गांधी को नसीहत या गांधी परिवार का विरोध, क्या हैं मायने

नई दिल्ली। कांग्रेस राहुल गांधी के उत्तर भारत की राजनीति पर गई टिप्पणी पर बचाव की मुद्रा में है। कांग्रेस में इस बात को लेकर दो धड़े बन गए हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने राहुल गांधी के बयान के बारे में कहा है कि वह बता सकते हैं कि वह क्या कहना चाहते थे। वहीं वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने उन्हें एक तरह का नसीहत देते हुए कहा कि हमें मतदाताओं का सम्मान करना चाहिए। फिलहाल सवाल ये है कि क्या राहुल गांधी सिब्बल की नसीहत को मानेंगे। क्योंकि सिब्बल अब गांधी परिवार विरोधी खेमें के नेता के तौर पर पार्टी में स्थापित हो रहे हैं।

कपिल सिब्बल ने राहुल गांधी के बयान के बारे में कहा कि जहां तक ​​राहुल गांधी के बयान का सवाल है, तो मैं किसी पर टिप्पणी नहीं कर सकता हूं।उसने क्या कहा है, वह बता सकता है कि उसने किस संदर्भ में यह कहा है। लेकिन सिब्बल ने अपनी बात में जोड़ते हुए कहा कि सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि देश का मतदाता बुद्धिमान है और हमे उनका सम्मान करना चाहिए। भले ही वो वोटर देश के किसी भी हिस्से से हो। आखिरकार, यह मतदाता है जो आपको वोट देता है या आपको सत्ता में लाता है या बेदखल करता है। हमें देश के मतदाताओं का सम्मान करना चाहिए और उनका अपमान करने से बचना चाहिए।

वहीं कपिल सिब्बल ने जहां राहुल गांधी को सलाह दी वहीं बीजेपी पर हमला किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी कह रही है कि हम देश को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह वह सरकार है जो सत्ता में आने के बाद से लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। बता दें कि कपिल सिब्बल से पहले, आनंद शर्मा ने भी राहुल गांधी के बयान पर बात की थी और कहा था कि वह बता सकते हैं कि वह क्या कहना चाहते थे। आनंद शर्मा ने कहा था, "राहुल गांधी ने भारत के किसी भी हिस्से के प्रति अनादर नहीं दिखाते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए हैं। जिस संदर्भ में उन्होंने यह अवलोकन किया है, वह स्पष्ट हो सकता है ताकि कोई विरोध या गलतफहमी न हो।
असल में सिब्बल पिछले काफी समय से राहुल गांधी के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाए हुए हैं। पिछले दिनों कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी सिब्बल ने राहुल गांधी से सीधे तौर पर पीएम नरेन्द्र मोदी पर टिप्पणी करने से बचने के लिए कहा था। हालांकि उस बैठक में कांग्रेस के कई नेताओं ने सिब्बल को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।