Know Who is Subodh Jaiswal: जानें कौन हैं सीबीआई के नए निदेशक IPS सुबोध जायसवाल , जिन्हें कहा जाता है जासूसों का मास्टर

Know Who is Subodh Jaiswal: जानकारी के मुताबिक 1985 के आईपीएस अधिकारी रहे जायसवाल रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) में भी रह चुके हैं और वह कैबिनेट सचिवालय में अपर सचिव भी रह चुके हैं।

Know Who is Subodh Jaiswal: जानें कौन हैं सीबीआई के नए निदेशक IPS सुबोध जायसवाल , जिन्हें कहा जाता है जासूसों का मास्टर
Subodh Jaiswal, IPS

Know Who is Subodh Jaiswal: आखिरकार केन्द्र सरकार ने सीबीआई के नए निदेशक के लिए सुबोध जायसवाल (Subodh Jaiswal) ने नाम पर अपनी मुहर लगा दी है। सुबोध जाससवाल (Subodh Jaiswal) अभी तक सीआईएसएफ के डीजी के पद पर थे और कुल 109 आईपीएस अफसरों की सूची में से सीबीआई निदेशक की नियुक्ति के लिए बना गई हाई पावर कमेटी ने उन्हें चुना है। उनका कार्यकाल दो साल का होगा। सुबोध जायसवाल (Subodh Jaiswal) महाराष्ट्र एटीएस के चीफ रह चुके हैं और वह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।

इस कमेटी में पीएम मोदी, चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना और विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी मौजूद थे। सीबीआई निदेशक की दौड़ में कई अफसर थे। लेकिन बाजी सुबोध जायसवाल (Subodh Jaiswal) ने मारी। सुबोध जायसवाल (Subodh Jaiswal) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के डीजी के पद पर हैं और अब वह नए सीबीआई के निदेशक का चार्ज लेंगे। असल में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल (Subodh Jaiswal) को फरवरी 2019 में महाराष्ट्र का डीजीपी नियुक्त किया गया था। जायसवाल (Subodh Jaiswal) को मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से पदोन्नत कर डीजीपी के पद पर तैनात किया गया था।

जायसवाल को कहा जाता है जासूसों का मास्टर

महाराष्ट्र की नौकरशाही में ईमानदार अफसरों में शुमार आईपीएस जायसवाल (Subodh Jaiswal) को जासूसों का मास्टर भी कहा जाता है और वह कई ऑपरेशनों को अंजाम भी दे चुके हैं। जानकारी के मुताबिक 1985 के आईपीएस अधिकारी रहे जायसवाल (Subodh Jaiswal) रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) में भी रह चुके हैं और वह कैबिनेट सचिवालय में अपर सचिव भी रह चुके हैं।

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यही नहीं मुंबई पुलिस में काम कर चुके जायसवाल (Subodh Jaiswal) करोड़ों के फर्जी स्टंप पेपर घोटाले का भी खुलासा किया और वह जांच कर रही एक विशेष टीम के चीफ थे। वही महाराष्ट्र एटीएस में डीआईजी रह चुके हैं। सन् 1962 में जन्मे जायसवाल 2022 में रिटायर हो गए थे। लेकिन सीबीआई निदेशक के तौर पर उनका कार्यकाल दो साल का होगा। लिहाजा वह 2023 में रिटायर होंगे।

कई केसों को सुलझाना होगा बड़ी जिम्मेदारी

सीबीआई के निदेशक का पद कांटों का ताज माना जाता है और वर्तमान में सीबीआई की ईमेज काफी गिर गई है। वहीं वर्तमान में कई बड़े मामले सीबीआई के पास हैं, जिन्हें सुलझाना जायसवाल के सामने बड़ा टास्क होगा।

सुबोध जायसवाल का है झारखंड से नाता

सीबीआई के निदेशक बनाए गए आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल (Subodh Jaiswal) का नाता झारखंड से हैं। बताते हैं कि वह बचपन से ही पढ़ने में बहुत तेज थे और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा धनबाद के डिनोबिली स्कूल से की। कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने के बाद भी वह सिविल सर्विस में गए। सुबोध जायसवाल के पिता शिवशंकर जायसवाल का धनबाद के सिंदरी में अपना व्यवसाय था और वह वहां पर लंबे समय तक सिंदरी रोटरी क्लब के अध्यक्ष भी रहे।

उनके पिता शिवशंकर जायसवाल की गिनती इलाके में बड़े कारोबारियों में होती थी। जानकारी के मुताबिक सुबोध जायसवाल के एक भाई मनोज जायसवाल चेन्नई में प्रोफेसर हैं, जबकि दूसरा भाई प्रिंस विदेश में रहते हैं। जबकि सुबोध जायसवाल (Subodh Jaiswal) की शादी झारखंड के जाने-माने बिजनेसमैन शिव प्रसाद साहू के परिवार में हुई है।

सुबोध कुमार जायसवाल (Subodh Jaiswal) तीन बार एनडीए में हुए थे फेल

शायद ही आपको मालूम होगा कि यूपीएसडी एक्जाम को क्वालिफाई करने वाले सुबोध कुमार जायसवाल (Subodh Jaiswal) तीन बार नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के एक्जाम में फेल हो चुके हैं। असल में एक कार्यक्रम में उन्होंने इसकी जानकारी दी। इनका कहना था कि वह एक छोटे से कस्बे से थे और UPSC का एग्जाम क्लियर करने के बाद उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उन्हें कौन सी नौकरी मिलेगी।