कांग्रेस के 'आजाद' बागी गुट की बैठक आज, जानें क्या है जी -23 की बैठक जो बढ़ाएगा आलाकमान की मुश्किलें

माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान से नाराजा और बागी गुट जी -23 के सदस्यों की बैठक गुलाम नबी आजाद के घर पर हो सकती है।

कांग्रेस के 'आजाद' बागी गुट की बैठक आज, जानें क्या है जी -23 की बैठक जो बढ़ाएगा आलाकमान की मुश्किलें

नई दिल्ली। कांग्रेस में एक बार फिर बागी गुट सिर उठाने लगा है। कुछ दिनों की खामोशी के बाद कांग्रेस में लोकतंत्री की बहाली की समर्थक नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के घर पर बैठक करेंगे और मंथन करेंगे। असल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उत्तर-दक्षिण टिप्पणी और जी -23 गुट की लगातार उपेक्षा से पार्टी के भीतर असंतोष है।

दरअसल जम्मू में जी -23 गुट के सदस्य अपनी ताकत दिखाएंगे और पार्टी नेतृत्व को एक मजबूत संदेश देंगे। इसके लिए आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल और राज बब्बर गुलाम नबी आजाद के साथ बैठक करेंगे। वहीं शनिवार को विवेक तन्खा के साथ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मनीष तिवारी के भी जम्मू पहुंचने की खबर है। वहीं बताया जा रहा है कि पार्टी हाईकमान को भी जी -23 की बैठक की सूचना है। वह बैठक पर नजर बनाए हुए हैं।

माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान से नाराजा और बागी गुट जी -23 के सदस्यों की बैठक गुलाम नबी आजाद के घर पर हो सकती है। इस गुट के सभी सदस्यों को आजाद के आवास पर बुलाया गया है। बैठक में कांग्रेस में लोकतंत्र बहाल करने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। खास बात यह है कि यह बैठक राहुल गांधी के बयान से नाराजगी है। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि देश उत्तर से दक्षिण तक एक है। पूरे देश में इस संदेश को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं समूह के सदस्यों का कहना है कि इन दिनों कांग्रेस में जो हो रहा है, वह पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस कार्य समिति में लिए गए निर्णय के खिलाफ है। तिरुवनंतपुरम में राहुल के बयान लेकर भी जी-23 में नाराजगी है। क्योंकि राहुल गांधी 15 वर्षों से उत्तर भारत से सांसद थे। वहीं राहुल के बयान ने भाजपा पर उत्तर-दक्षिण के आधार पर इसे विभाजित करने का आरोप लगाया।

आजाद की अनदेखी को लेकर भी नाराजगी

वहीं जी -23 से जुड़े नेता गुलाम नबी आज़ाद के साथ पार्टी के व्यवहार से भी नाराज़ हैं, जो हाल ही में राज्यसभा से सेवानिवृत्त हुए थे। इन नेताओं का कहना है कि सालों तक कांग्रेस की सेवा करने के बाद भी कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया। यहां तक ​​कि प्रधानमंत्री ने उन्हें सम्मान दिया लेकिन उनकी पार्टी ने कोई सम्मान नहीं दिया। वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे को जी -23 के वरिष्ठ सदस्यों की अनदेखी कर राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाया गया था।

क्या है जी-23 गुट

असल में कांग्रेस में लोकतंत्र की बहाली की मांग करने वाले नेताओं ने कांग्रेस के भीतर ही एक गुट तैयार किया है। जिसे जी-23 कहा जाता है। ये गुट गांधी परिवार का विरोधी माना जाता है और फिलहाल हाशिए पर है।