राज्यसभा में 'गुलाम' युग का अंत, गांधी परिवार के करीबी खड़गे को मिली विपक्ष के नेता की मंजूरी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को राज्यसभा में विपक्ष का नया नेता नियुक्त किया गया है। इसकी मंजूरी मंगलवार को सभापति वेंकैया नायडू ने दी।

राज्यसभा में 'गुलाम' युग का अंत, गांधी परिवार के करीबी खड़गे को मिली विपक्ष के नेता की मंजूरी

नई दिल्ली। राज्यसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद युग का अंत हो गया है। अब कर्नाटक के रहने वाले दलिक नेता मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता होंगे। उन्हें आज राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू ने मंजूरी दी। खड़गे को गांधी परिवार का करीबी माना जाता है और वह 2014 और 2019 के बीच लोकसभा में कांग्रेस के नेता थे, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें गुलबर्गा संसदीय सीट पर हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को राज्यसभा में विपक्ष का नया नेता नियुक्त किया गया है। इसकी मंजूरी मंगलवार को सभापति वेंकैया नायडू ने दी। खड़गे ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का स्थान लिया है। राज्यसभा सदस्य आजाद का कार्यकाल 15 फरवरी को समाप्त हो गया था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वेंकैया नायडू को एक पत्र लिखा, जिसमें खड़गे को उच्च सदन में विपक्ष का नेता बनाने का अनुरोध किया। खड़गे को सोनिया गांधी का करीबी माना जाता है और इसकी के कारण उनके नाम पर गांधी परिवार ने मुहर लगाई।

संसद में बजट सत्र का पहला चरण, जो 29 जनवरी से शुरू हुआ था, शुक्रवार को पूरा हुआ। उच्च सदन में बजट पर चर्चा पूरी होने के बाद बैठक स्थगित कर दी गई। बजट सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से शुरू होगा और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 अप्रैल तक चलेगा। हालांकि पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे कि खड़गे को इस पद पर नियुक्त किया जाएगा।

कर्नाटक के एक दलित नेता, खड़गे 2014 और 2019 के बीच लोकसभा में कांग्रेस के नेता थे। 2019 के लोकसभा चुनावों में, उन्हें गुलबर्गा संसदीय सीट पर हार का सामना करना पड़ा। 77 वर्षीय खड़गे को पिछले साल पहली बार राज्यसभा के लिए चुना गया था, जबकि वह लोकसभा का चुनाव हार गए थे। वह उच्च सदन में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं।