जिलों को साधने में जाएगी कई मंत्रियों की कुर्सी, शनिवार को हो सकता कैबिनेट विस्तार

राज्य में सीएम बनने के बाद सीएम तीरथ सिंह रावत आज दिल्ली जा सकते हैं। अगर कोई पेंच नहीं है, तो शनिवार तक तीरथ रावत की नई कैबिनेट टीम तैयार हो सकती है।

जिलों को साधने में जाएगी कई मंत्रियों की कुर्सी, शनिवार को हो सकता कैबिनेट विस्तार

देहरादून। नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद तीरथ सिंह रावत अब अपना मंत्रिमंडल बनाने जा रहे हैं। तीरथ आगामी चुनावों को देखते हुए राज्य में सभी जिलों को अहमियत देते हुए कैबिनेट में विधायकों को शामिल कर सकते हैं। अभी तक त्रिवेन्द्र सिंह रावत का पूरा कैबिनेट महज पांच जिलों तक ही सीमित था। लिहाजा माना जा रहा है कि चुनाव साल को देखते हुए कुछ मंत्रियों के पदों पर कैंची चलेगी और कुछ को मौका मिलेगा।

राज्य में सीएम बनने के बाद सीएम तीरथ सिंह रावत आज दिल्ली जा सकते हैं। अगर  कोई पेंच नहीं है, तो शनिवार तक तीरथ रावत की नई कैबिनेट टीम तैयार हो सकती है। कैबिनेट के सभी 11 पद भरे जाने तय हैं। कैबिनेट में कुमाऊं मंडल का ध्यान आकर्षित करने और महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की संभावना है। वहीं मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जल्द ही नई कैबिनेट के संकेत दिए।

तीरथ सिंह रावत ने देहरादून में कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। बुधवार को शपथ लेने के बाद, अब मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अपने मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले चेहरों को फाइनल करने में व्यस्त हैं। गुरुवार को एक दिवसीय हरिद्वार दौरे से लौटने के बाद, उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। वह केंद्रीय नेतृत्व के भी लगातार संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि अगर राज्य में सहमति नहीं बनी तो वह केंद्रीय नेतृत्व के साथ कैबिनेट गठन पर चर्चा के लिए शुक्रवार को दिल्ली जा सकते हैं।

हालांकि राज्य में चर्चा है ये है कि किसी को नाराज नहीं किया जाएगा और पिछली त्रिवेंद्र कैबिनेट के सभी आठ सदस्यों को दोहराया जाएगा। जबकि त्रिवेंद्र कैबिनेट में तीन मंत्री पद खाली थे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, मुख्यमंत्री सहित 12 सदस्यीय कैबिनेट हो सकता है। तीरथ की कवायद अब लगभग तीन कैबिनेट पदों तक सीमित है।

त्रिवेंद्र कैबिनेट में पौड़ी गढ़वाल से तीन मंत्री, उधम सिंह नगर से दो और टिहरी, हरिद्वार और अल्मोड़ा जिलों के एक-एक मंत्री थे, जबकि त्रिवेंद्र खुद देहरादून का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। अब अगर तीरथ सिंह रावत त्रिवेंद्र कैबिनेट के सभी सदस्यों को अपनी टीम में जगह देते हैं, तो बाकी तीन जगह उन जिलों में जाएंगे जहाँ से कोई विधायक मंत्री नहीं था। इस स्थिति में उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल से कोई भी तीन विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं।

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नई कैबिनेट के बाद नौकरशाही में भी होंगे बदलाव

वहीं राज्य में नई कैबिनेट बन जाने के बाद नौकरशाही में बदलाव होंगे। राज्य में नौकरशाही को लेकर काफी चर्चा है।  वहीं राज्य में नए सीएम बनने के साथ ही तीरथ सिंह रावत सचिव लेकर प्रमुख सचिवों के पदों में बदलाव कर सकते हैं।