PF के ब्याज पर लग सकता है झटका, महंगाई के बीच दोहरी मार

ब्याज दरों में कटौती के लिए तर्क दिए जा रहे हैं कि कोरोना संकट के दौरान, लोगों ने पीएफ की बड़ी राशि और अग्रिम राशि वापस ले ली है और इस व्यवसाय वर्ष में रोजगार में कमी के कारण, पीएफ योगदान भी कम हो गया है।

PF के ब्याज पर लग सकता है झटका, महंगाई के बीच दोहरी मार

नई दिल्ली। देश में तेजी से ऊपर की तरफ जा रही महंगाई के बीच अब पीएफ (PF)खाताधारकों के लिए बुरी खबर है। माना जा रहा है कि इस बार पीएफ धारकों को ब्याज दरों में नुकसान उठाना पड़ सकता है। कोरोना संकट के कारण कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। फाइनेंसिल ईयर 2020-21 के लिए ब्याज दरों को अंतिम रूप देने के लिए ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक 4 मार्च को हो रही है।

पिछले सात सालों के निचले स्तर पर है ब्याज दर

माना जा रहा है कि ईपीएफओ इस साल के लिए ब्याज दरों में और कटौती कर सकता है। गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष में ब्याज दर सात साल के निचले स्तर 8.5 प्रतिशत थी और इस बार इस पर कटौती की जा सकती है। यानी ब्याज दर आठ साल में सबसे निचले स्तर पर होगी। 

कोरोना संकट में लोगों ने निकाला

ब्याज दरों में कटौती के लिए तर्क दिए जा रहे हैं कि कोरोना संकट के दौरान, लोगों ने पीएफ की बड़ी राशि और अग्रिम राशि वापस ले ली है और इस व्यवसाय वर्ष में रोजगार में कमी के कारण, पीएफ योगदान भी कम हो गया है। इस सब के कारण पीएफ की कुल जमा राशि घट गई और स्वाभाविक रूप से इससे होने वाली आय में भी कमी आई है। जिसके कारण ब्याज दरों में कमी की जा सकती है। ईपीएफओ के मुताबिक 31 दिसंबर, 2020 तक, 56.79 लाख दावों के माध्यम से पीएफ से 14,310.21 करोड़ रुपये की राशि अग्रिम के रूप में वापस ली है।  

एक साल में हुए 4.19 लाख मामले सेटल

इसी तरह, 3,983 करोड़ रुपये की 4.19 लाख मामलों को सेटल किए गए। वहीं पिछले साल मार्च में, ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ईपीएफ ग्राहकों के लिए 8.5 फीसदी ब्याज दर की सिफारिश की है।