Punjab Congress became Kurukshetra: : सोनिया दरबार में जमा हुआ पंजाब का रिपोर्ट कार्ड, कौन होगा पास और कौन होगा फेल

Punjab Congress became Kurukshetra: पंजाब कांग्रेस में मनमुटाव खत्म करने के लिए गठित कमेटी आज हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। बुधवार को कांग्रेस वार रूम में दो बार समिति की बैठक हुई।

Punjab Congress became Kurukshetra: : सोनिया दरबार में जमा हुआ पंजाब का रिपोर्ट कार्ड, कौन होगा पास और कौन होगा फेल

Punjab Congress Became Kurukshetra: : पिछले हफ्ते राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े (Leader of Opposition in Rajya Sabha Mallikarjun Kharge), कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत (Congress's Punjab in-charge Harish Rawat) और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल (Former MP JP Agarwal) की अध्यक्षता में एक समिति ने पंजाब कांग्रेस के हर नेता के साथ बैठक की। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Punjab Chief Minister Amarinder Singh) भी कांग्रेस के तीन सदस्यीय पैनल के सामने पेश हुए।

पंजाब कांग्रेस में मनमुटाव खत्म करने के लिए गठित कमेटी आज हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंप दी (submit its report to the high command)  है। बुधवार को कांग्रेस वार रूम में दो बार समिति की बैठक हुई। लिहाजा समिति ने आज कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।कांग्रेस ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच विवाद निपटाने (dispute settlement) के लिए कमेटी बनाई थी।

चार दिनों में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े की अध्यक्षता वाली समिति ने पंजाब के 100 से अधिक कांग्रेस नेताओं से अपनी राय ली । इनमें ज्यादातर विधायक थे। खडग़े के अलावा कांग्रेस महासचिव व पंजाब प्रभारी हरीश रावत और दिल्ली प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता जेपी अग्रवाल भी इस कमेटी में शामिल हैं।

दो डिप्टी सीएम बनाने के लिए सामने आ सकता है फॉर्मूला

पंजाब कांग्रेस में दरार के बाद परगट सिंह ने पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू (Former cabinet minister Navjot Singh Sidhu) के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सिद्धू के नेतृत्व वाले एक समूह ने जब प्रदेश नेतृत्व में बदलाव का सुझाव दिया तो पंजाब के नेताओं की शिकायतों को सुनने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को एक कमेटी का गठन करना पड़ा।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि अमरिंदर सिंह को बदलने पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। कांग्रेस बिना किसी बड़े बदलाव के कुछ मामूली फेरबदल कर सिद्धू को शांत करना चाहती है और उन्हें पार्टी में बरकरार रखना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक अब इस मनमुटाव (bickering) को दूर करने के लिए पार्टी दो डिप्टी सीएम और नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश में कैंपेन कमेटी का प्रधान बनाने का फॉर्मूला तैयार कर सकती है।

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खास बात है कि सिद्धू को उपमुख्यमंत्री के रूप में सरकार में शामिल किए जाने की संभावना है और उनके साथ एक हिंदू दलित को एक और उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है ।