Rama Navami: अप्रैल से गूजेंगी शहनाइंया, राम नवमी पर पुष्य नक्षत्र

Rama Navami: ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि इस बार दुर्गाष्टमी 20 अप्रैल को और महानवमी अर्थात रामनवमी 21 को है। इस दिन विशेष रूप से हवन इत्यादि करके दोपहर में राम जन्मोत्सव मनाने का प्रावधान होगा।

Rama Navami: अप्रैल से गूजेंगी शहनाइंया, राम नवमी पर पुष्य नक्षत्र

Rama Navami: इस बार की रामनवमी पर पुष्य नक्षत्र का संयोग सभी के लिए रहेगा समृद्धिदायक नवरात्रि 13 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। इस बार की नवरात्रि अश्विनी नक्षत्र से शुरू होगी, जो कि 27 नक्षत्रों में सबसे पहला नक्षत्र है। इस दिन से राक्षस नाम का नव संवत्सर प्रारंभ होगा। यानी हिंदू नववर्ष शुरू होगा। इसी दिन गुड़ी पड़वा भी मनाया जाता है। वहीं, दक्षिण भारत में उगादी नाम का पर्व मनाया जाएगा। अमृत योग में नवरात्रि का प्रारंभ अत्यंत शुभ फलदायी और समृद्धिकारक रहेगा।

ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि इस बार दुर्गाष्टमी 20 अप्रैल को और महानवमी अर्थात रामनवमी 21 को है। इस दिन विशेष रूप से हवन इत्यादि करके दोपहर में राम जन्मोत्सव मनाने का प्रावधान होगा। इस बार की रामनवमी पुष्य नक्षत्र में पड़ रही है। जो कि अत्यंत शुभ है। शुक्रवार 23 अप्रैल को श्रीकामदा एकादशी है। इस दिन विष्णु भगवान का पूजन और व्रत करना श्रेष्ठ होगा। इसके बाद शनि प्रदोष और वामन द्वादशी है। यह दोनों 24 अप्रैल को है। इस दिन शनिदेव का तिल के तेल से अभिषेक और भगवान विष्णु का पूजन लाभदायक होगा। 27 अप्रैल को सिद्धि और ध्वज योग में हनुमान जयंती मनाई जाएगी। हनुमानजी को चोला चढ़ाना और ध्वजा अर्पित करना श्रेष्ठ होगा। 

शुक्र उदय होने के साथ इस साल विवाह के लिए 31 मुहूर्त, मई में सबसे ज्यादा 11 दिन

13 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही और 19 तारीख को शुक्र ग्रह के उदय होने के साथ ही विवाह के मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। इस वर्ष अप्रैल से दिसंबर तक शादी के 31 मुहूर्त हैं।

वृषभ लग्न का मुहूर्त सुबह 7:33 से 9:32 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त 11:36 से 12:24 बजे तक।
दोपहर में सिंह लग्न का मुहूर्त 2:00 से 4:10 बजे तक रहेगा।
रात्रिकालीन मुहूर्त 8:32 से 10:47 बजे तक रहेगा।

नवरात्रि पर कलश स्थापना का विशेष मुहूर्त

अप्रैल में 25, 26, 27 और 30 काे
मई में 2, 7, 8, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 29 और 30 काे
जून में 4, 5, 18, 20, 26 और 30 काे
जुलाई में 1 और 2 को देवशयनी एकादशी 20 जुलाई को होने के कारण इसके बाद विवाह के मुहूर्त नहीं होंगे।
नवंबर में 20 तारीख से फिर से विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे। 20, 21, 28 और 30 तक रहेंगे।
दिसंबर में 1, 7, 11 और 13 को
जनवरी में 22 और 23 को
फरवरी में 5, 6, 10 और 18 को
यह आखिरी मुहूर्त होगा। इसके बाद अगले संवत्सर में मुहूर्त होंगे। इधर, अप्रैल व मई में होने वाले वैवाहिक आयोजनों को कोरोना के चलते कई परिवारों ने फिलहाल टाल दिए हैं।