Revenge Politics:बंगाल में शुरू हुई प्रतिशोध की राजनीति, ममता को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी और उसके भाई पर रिपोर्ट दर्ज

Revenge Politics:पश्चिम बंगाल प्रतिरोध की राजनीति शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराने वाले पश्चिम बंगाल के कांठी में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई के खिलाफ मामला दर्ज की गई है।

Revenge Politics:बंगाल में शुरू हुई प्रतिशोध की राजनीति, ममता को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी और उसके भाई पर रिपोर्ट दर्ज

Revenge Politics:पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने अपने विरोधियों के खिलाफ प्रतिरोध की राजनीति शुरू कर दी है। चुनाव के बाद बंगाल में हो रही हिंसा के बाद कठघरे में आई राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराने वाले और टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं टीएमसी ने अधिकारी और उसके भाई के खिलाफ नगर पालिका से राहत सामग्री चुराने को लेकर एफआईआर दर्ज की है। वहीं बताया जा रहा है कि शुभेंदु अधिकार के एक करीब को गिरफ्तार किया है।

असल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद राज्य और केंद्र के बीच मतभेद सामने आए हैं। वहीं जब ममता यास तूफान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक होने वाली थी तो ममता बनर्जी ने राज्य में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की बैठक में मौजदूगी को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि कि ये पहले से ही माना जा रहा था कि राज्य में अगले पांच साल तक राज्य में बीजेपी नेता राज्य की सत्तधारी टीएमसी के निशाने पर रहेंगे। वहीं केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार के बीच पूर्व मुख्य सचिव रहे अलपन बंदोपाध्याय को लेकर विवाद जारी है।

केंद्र ने बढ़ाई थी शुभेंदु और सांसद पिता की सुरक्षा

राज्य में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुभेंदु अधिकारी और उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी की सुरक्षा बढ़ा दी है। मंत्रालय ने दोनों सांसदों को वाई +(वाई+) श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया था और अब उनकी सुरक्षा सीआरपीएफ के जवान कर रहे हैं। क्योंकि राज्य पुलिस पर बीजेपी नेताओं को भरोसा नहीं था।

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 चुनाव बाद बंगाल में जारी है हिंसा

वहीं राज्य में टीएमसी को विधानसभा चुनाव में ज़बरदस्त बहुमत मिला और उसने राज्य में सरकार बनाई है। वहीं राज्य में टीएमसी के सत्ता में आने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में अभी तक करीब तीन दर्जन से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है और बंगाल में उनका शोषण जारी है। यही नहीं बंगाल से हजारों की संख्यों में लोगों ने असम में शरण ली है।