Robin Hood of Siwan Mohammad Shahabuddin: अपराध से सियासत का सफर और 'गुरु' बने लालू

Robin Hood of Siwan Mohammad Shahabuddin: शहाबुद्दीन के सियासी सफर में उनके गुरु लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) बने और लालू के बल पर ही शहाबुद्दीन चार बार सांसद और दो बार विधायक बना।

Robin Hood of Siwan Mohammad Shahabuddin: अपराध से सियासत का सफर और 'गुरु' बने लालू
Mohammad Shahabuddin
Robin Hood of Siwan Mohammad Shahabuddin: अपराध से सियासत का सफर और 'गुरु' बने लालू

Robin Hood of Siwan Mohammad Shahabuddin:  बिहार की राजनीति और अपराध की दुनिया शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) के नाम के बगैर नहीं हो सकती है। लालू प्रसाद यादव के करीबी और राजद के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन की आज कोरोना कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई है।

अपने साथियों और बिहार में रॉबिनहुड के रूप में पहचाने वाले शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) का बिहार में खौफ इतना था कि लोग अपनी जुबान खोलने से डरते थे। सीवान में शहाबुद्दीन के ही कानून का राज (Shahabuddin's law ruled in Siwan) चलता था।

असल में एक आदमी से बाहुबली बनने की भी कहानी बढ़ी दिलचस्प है और इसके बाद आम आदमी की तरह रहने वाला शहाबुद्दीन बाहुबली शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin)  हो गया। वहीं शहाबुद्दीन के सियासी सफर में उनके गुरु लालू प्रसाद यादव बने और लालू के बल पर ही शहाबुद्दीन चार बार सांसद और दो बार विधायक बना।

असल में जब राजद नेता के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस दरोगा राय कॉलेज पहुंची थी, तब शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) ने गिरफ्तार करने के लिए गए अफसर संजीव कुमार ने थप्पड़ मार दिया था। इसक बाद शहाबुद्दीन और उनके साथियों ने पुलिसकर्मियों की जमकर पिटाई की। इसके बाद, बिहार पुलिस ने शहाबुद्दीन को गिरफ्तारी के प्रयास में उसके प्रतापपुर स्थित घर पर छापा मारा। लेकिन शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) के समर्थकों और पुलिस के बीच लगभग तीन घंटे तक चली गोलीबारी में आठ ग्रामीण मारे गए। इसके बाद, पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस गंभीर घटना के बाद भी, शहाबुद्दीन के खिलाफ कोई मजबूत मामला नहीं बनाया गया था। यह अलग बात है कि तत्कालीन डीएम सीके अनिल और एसपी रत्न संजय ने अप्रैल 2005 में शहाबुद्दीन के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें कानून के शिकंजे में कस दिया।

डीजीपी ने खोली फाइल तो सरकार ने पद से हटाया

असल में शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) को लंबे समय तक राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा और राजद के टिकट पर ही वह सांसद बना। लेकिन 2003 में राज्य के डीजीपी डीपी ओझा (DGP DP Ojha) ने शहाबुद्दीन पर शिंकजा कसना शुरू किया और शहाबुद्दीन के खिलाफ सबूत इकट्ठा करके कई पुराने मामलों को फिर से खोल दिया। इसके बाद सीआईडी ​​को इन मामलों की जांच सौंपी गई और माले कार्यकर्ता मुन्ना चौधरी के अपहरण और हत्या के मामले में शहाबुद्दीन के खिलाफ वारंट जारी किया गया। इसके बाद शहाबुद्दीन ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया और इसके बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई। इस मामले में राज्य सरकार ने डीजीपी डीपी ओझा (DGP DP Ojha) को उनके पद से हटा दिया।

बाहुबल के कारण चार बार के सांसद और दो बार के विधायक बना शहाबुद्दीन

मोहम्मद शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) का बाहुबली से राजनेता बनने तक का सफर काफी दिलचस्प रहा है। कभी बिहार में अपराध का बड़ा नाम रहे शहाबुद्दीन का जन्म 10 मई 1967 को सिवान जिले के हुसैनगंज ब्लॉक के प्रतापपुर गाँव में हुआ था। शहाबुद्दीन सीवान से चार बार सांसद और दो बार के विधायक भी रहा। 

शहाबुद्दीन ने एसपी पर चलाई गोली

वहीं 1996 में लोकसभा चुनाव के दिन सीवान के तत्कालीन एसपी एसके सिंघल (SP SK Singhal) पर शहाबुद्दीन ने गोलियां चलाई गई थीं। बताया ये जाता है कि शहाबुद्दीन ने खुद गोलियां चलाईं और सिंघल को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इस मामले में शहाबुद्दीन को दस साल की सजा सुनाई गई है।

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अकसर लालू से नाराज हो जाता था शहाबुद्दीन

वहीं राजद के साथ लालू का पुराना साथ रहा और 1990 से 2005 तक राजद में लालू के साथ शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) के रिश्ते बिगड़ते रहे हैं। इसके बावजूद शहाबुद्दीन ने कभी पार्टी नहीं छोड़ी। हालांकि कई बार वह लालू से नाराज हो जाता था और लालू उसने मनाने के लिए सीवान तक गए थे।