महल छोड़ सड़क पर उतरे 'महाराज', जनता बोली नेता नहीं 'जननेता'

भाजपा में शामिल होने के बाद से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया कुछ बदले बदले से नजर आ रहे हैं। सांसद बनने के बाद वह गृहनगर ग्वालियर में लोगों से संवाद कर रहे हैं और लोगों से उनका हालचाल जान रहे हैं। सिंधिया के इस रूप को देखकर लोग कह रहे हैं वह नेता नहीं जननेता बन गए हैं।

महल छोड़ सड़क पर उतरे 'महाराज', जनता बोली नेता नहीं 'जननेता'

भोपाल। भाजपा में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसद और दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया में दिन-ब-दिन बदलाव देखा जा रहा है। पहले वह भाषण देते थे और आम लोगों की पहुंच उनसे दूर थी। लेकिन अब सिंधिया में बदलाव देखा जा रहा है। ग्वालियर के लोगों ने सिंधिया के इस बदले हुए अंदाज को अपनी आंखों से देखा जब वे अपनी कार छोड़कर सड़क पर चलने लगे। उन्होंने सड़क पर खड़े आम लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना।

ज्योतिरादित्य सिंधिया दो दिवसीय दौरे पर ग्वालियर में थे। उन्होंने जिले के मेडिकल कॉलेज के ओल्ड ऑडिटोरियम में डॉक्टरों के साथ बातचीत का कार्यक्रम रखा था। यहां से उन्हें एक अन्य कार्यक्रम में जाना था और फिर अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करना था। जब सिंधिया पैदल ही सड़क पार कर गए और तेज कदमों से चलने लगे तो लोग हैरान हुए।

जब सिंधिया सड़क पर निकले तो उनके समर्थक भी चलने लगे। तब महाराज ने समर्थकों को फुटपाथ पर चलने का निर्देश दिया ताकि सड़क जाम न हो। इस दौरान उन्होंने फुटपाथ पर बैठे एक दंपति से बात की, जो इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल आए थे। सिंधिया ने पूछा कि क्या कोई समस्या है? 

इसके बाद उन्होंने एक रेहड़ी वाले से पूछा कि कोरोना के बाद व्यापार कैसे चल रहा है तो अपने पास सिंधिया को देखकर आश्चर्यचकित तो उनसे बताया कि हालात अब धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं। अब ग्राहक आ रहे हैं।

इसके बाद सिंधिया सीधे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने वहां जेएएच अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ के साथ ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया। सिंधिया ने ट्रॉमा सेंटर में किए जा रहे बदलावों की प्रशंसा की।

राज्य में सक्रिय हुए महाराज

सिंधिया पिछले कुछ महीनों से राज्य में ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं। राज्य में उनके समर्थकों के काम आसानी से हो रहे हैं। शिवराज सरकार में उनके करीबी लोगों को जगह मिली है। जिसके बाद राज्य में सिंधिया मजबूत हो रहे हैं।