ममता की मुश्किलें बढ़ा कर अब यूपी में अखिलेश यादव के लिए चुनौती बनेंगे सिद्दीकी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (west bengal assembly elections) में उतर कर ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ाने वाले आईएसएफ(ISF) के मुखिया ने ऐलान किया है कि वह यूपी विधानसभा चुनाव में भी किस्मत आजमाएंगे।

ममता की मुश्किलें बढ़ा कर अब यूपी में अखिलेश यादव के लिए चुनौती बनेंगे सिद्दीकी

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (west bengal assembly polls) में राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलों को बढ़ाने वाले अब्बास सिद्दीकी ने ऐलान किया है कि अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी मैदान में उतरेगी। पश्चिम बंगाल में सिद्दीकी ने भारतीय धर्मनिरपेक्ष पार्टी (Indian Secular Party) बनाकर वाम दलों के साथ गठबंधन किया है। साथ में, कांग्रेस ने एक संयुक्त मोर्चा बनाया है। लेकिन कांग्रेस के कई लोग उन्हें सांप्रदायिक मानते हैं। पार्टी के भीतर इस मामले पर विवाद जारी है। अब्बास का कहना है कि उनका समझौता कांग्रेस के साथ नहीं बल्कि वामपंथियों के साथ है।

असल में फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी (Pirzada Abbas Siddiqui of Furfura Sharif ) पर असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) को धोखा देने का आरोप लगाया है। ओवैसी जनवरी में अपने घर पर अब्बास से मिले थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन अब्बास ने बंगाल में एक अलग मोर्चा बनाया। वहीं अब्बास ने कहा कि अगर ओवैसी साहब ने यहां किसी को टिकट दिया तो हम वहां चुनाव नहीं लड़ेंगे। फिलहाल अब्बास सिद्दीकी की पार्टी भारतीय सेलुलर फ्रंट यानी आईएसएफ बंगाल ( Indian Cellular Front Bengal) में 37 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

ISF को पहले नंदीग्राम की सीट मिली थी। लेकिन अब सीपीएस की मीनाक्षी मुखर्जी वहां से लड़ रही हैं। ममता बनर्जी नंदीग्राम से टीएमसी से चुनाव लड़ रही हैं। बीजेपी के खिलाफ उनके करीबी शुभेंदु अधिकारी उम्मीदवार हैं। लगभग 30 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता नंदीग्राम में हैं। अगर आईएसएफ के लिए कोई उम्मीदवार होता, तो ममता का मुस्लिम वोट (Muslim voters) टूट सकता था। ऐसे में भाजपा को फायदा होता। इस आरोप पर अब्बास ने कहा कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 26 तारीख को वह नंदीग्राम में मीनाक्षी के लिए प्रचार करेंगे

यूपी में उतरेगी आईएसएफ

सिद्दीकी ने कहा कि बंगाल के बाद पार्टी यूपी में अपनी किस्मत आजमाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिद्दी ने कहा कि अगर कोई चुनाव होता है तो मैं उससे लड़ूंगा। पार्टी में अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है। हम सब बंगाल में लगे हुए हैं। लेकिन यूपी में हमें भी जाना है। अगर जरूरत पड़ी तो किसी से बातचीत की जा सकती है या मैं किसी के चुनाव प्रचार में जा सकता हूं।

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आईएसएफ (ISF ) यूपी में उतरी तो सपा की मुश्किलें बढ़ेंगी

वहीं माना जा रहा है कि अगर राज्य में आईएसएफ (ISF ) चुनाव लड़ती है तो इससे राज्य मे सपा को नुकसान होगाष। वहीं पहले से ही असुद्दीन की पार्टी एआईएमआईएम ने मुश्किलें बढ़ा रखी है। क्योंकि बिहार चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया था।