Stalin's Problems Increased:सीएम बनते ही स्टालिन की बढ़ी मुश्किलें, जानें क्यों चल रहा ट्वीटर पर #GoBackStalin का ट्रेंड

Stalin's Problems Increased: विधानसभा चुनाव जीत के बाद राज्य में सरकार बनाने वाली डीएमके सरकार के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि सरकार द्वारा पश्चिमी हिस्से की अनदेखी करने के लिए उनका विरोध किया जा रहा है।

Stalin's Problems Increased:सीएम बनते ही स्टालिन की बढ़ी मुश्किलें, जानें क्यों चल रहा ट्वीटर पर #GoBackStalin का ट्रेंड
MK Stalin

Stalin's Problems Increased: राज्य की सत्तारूढ़ द्रमुक द्वारा कैबिनेट में राज्य के पश्चिमी क्षेत्र की अनदेखी और कोरोना को लेकर पक्षपात करने के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्टालिन पश्चिमी तमिलनाडु का दौरान कर रहे हैं। लिहाजा लोग अपनी नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। असल में लोगों का कहना है कि डीएमके के खिलाफ वोट देने के कारण डीएमके ने इस इलाके की अनदेखी की है। स्टालिन ने इस इलाके से किसी विधायक को अपनी कैबिनेट में शामिल नहीं किया। लिहाजा ट्वीटर पर आज दिनभर #GoBackStalin ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा।

असल में पश्चिमी इलाके को 'कोंगु बेल्ट' के रूप में जाना जाता है और ये आमतौर पर अन्नाद्रमुक का गढ़ माना जाता है और इस बार जनता ने डीएमके के खिलाफ वोट दिया। जिसको लेकर डीएमके नाराज है। कोयंबटूर तमिलनाडु का दूसरा सबसे बड़ा शहर और एक औद्योगिक केंद्र कोंगु बेल्ट क्षेत्र में स्थित है। लोगों का कहना है कि डीएमके सरकार ने चेन्नई की तुलना में इस इलाके में कम वैक्सीनेशन किया है जबकि कोयंबटूर में अब कोरोना के मामले ज्यादा हैं।

वहीं विपक्षी दलों के नेता भाजपा और अन्नाद्रमुक चेन्नई की तुलना में कोयंबटूर में मौतों को लेकर राज्य की डीएमके सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि कोरोना के मामले ज्यादा होने के बाद भी राज्य की डीएमके सरकार इलाके की दरकिनार कर रही है। कोयंबटूर दक्षिण से ही भाजपा महिला विंग की अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन विजयी हुई हैं।

डेढ़ लाख से ज्यादा लोग कर रहे हैशटेक #GoBackStalin का इस्तेमाल

वहीं राज्य सरकार को लेकर जनता में खासी नाराजगी है और आज ट्वीटर पर हैशटैग #GoBackStalin ट्रेंड करने लगा। इसको करीब 1.5 लाख से अधिक लोगों ने ट्रेंड किया और इस हैशटैग का इस्तेमाल किया। यह पहली बार है कि जब राज्य की जनता सीएम का विरोध कर रही है।

राज्य में आ रहे हैं 30 हजार से ज्यादा मामले

वहीं तमिलनाडु प्रतिदिन लगभग कोरोना के 31,000 हजार मामले सामने आ रहे हैं। वहीं रिकवरी दर भी 30,000 के करीब है। फिलहाल तमिलनाडु में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य में पिछले कुछ दिनों से रोजाना होने वाली मौतों की संख्या 450 से अधिक है जबकि राज्य में अब तक 23,000 से अधिक लोग कोरोना महामारी में अपनी जान गंवा चुके हैं।

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वहीं राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 3.10 लाख से ज्यादा है। जबकि राजधानी शहर चेन्नई में मामले लगभग 7,000 से घटकर 2,500 हो गए हैं जबकि पश्चिमी जिला कोयंबटूर में अब प्रतिदिन 4,700 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं।