सुप्रीम कोर्ट ने दी AAP सांसद संजय सिंह को नसीहत, कहा हद पार न करें सांसद

एक हफ्ते पहले आखिरी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद, संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज कई एफआईआर को रद्द करने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट ने दी AAP सांसद संजय सिंह को नसीहत, कहा हद पार न करें सांसद

नई दिल्ली। दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने यूपी में दर्ज एफआईआर में उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने यूपी सरकार से इस मामले में दो हफ्ते में जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई मार्च के तीसरे सप्ताह में होगी। हालांकि कोर्ट ने भी संजय सिंह को सख्त हिदायत देते हुए हद में रहने को कहा।

साथ ही कोर्ट ने विवेक तन्खा का बयान भी दर्ज किया, जिसमें कहा गया था कि राज्यपाल ने एफआईआर को मंजूरी दे दी है। जबकि यह मंजूरी राज्यसभा के सभापति से लेनी थी। विवेक तन्खा ने कहा कि मामले में कोई प्रारंभिक जांच नहीं की गई, जबकि उनके वादी सांसद हैं। इस पर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपका तर्क एफआईआर से पहले अनुमति लेने के बारे में है। इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि वे जाति से संबंधित कोई बात न कहें। सीमा को पार नहीं किया जाना चाहिए और हम धर्म और जाति के आधार पर समाज को विभाजित नहीं कर सकते।

एक हफ्ते पहले आखिरी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज कई एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 21 जनवरी को एक फैसले में संजय सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया।

गौरतलब है कि पिछले साल 12 अगस्त को संजय सिंह ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ जातियों को लेकर राज्य सरकार पर उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ कई जिलों में एफआईआर दर्ज की गईं। संजय सिंह ने सरकार पर कुछ जातियों के साथ भेदभाव करने और कुछ जातियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के अनुसार, संजय सिंह ने लखनऊ, संत कबीरनगर, खीरी, बागपत, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बस्ती सहित कई जगहों पर उस बयान के आधार पर पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को चुनौती दी है।