गुरु की शरण में जाएंगे हारे उपेंद्र, नीतीश कुमार बनेंगे सियासत में 'बाहुबली'

उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में पार्टी 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एक भी सीट जीत नहीं सकी। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार उपेन्द्र को विधान परिषद में भेज सकते हैं।

गुरु की शरण में जाएंगे हारे उपेंद्र, नीतीश कुमार बनेंगे सियासत में 'बाहुबली'

पटना। बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। लोकजनशक्ति में टूट कराने के बाद जदयू की नजर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी पर है और अब ये तय माना जा रहा है कि रालोसपा का जनता दल यूनाइटेड के साथ विलय होगा। इसके लिए 14 मार्च को घोषणा हो सकती है। कुछ दिनों पहले ही रालोसपा के कई नेताओं ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है। वही इस विलय का विरोध कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक आरएलएसपी का जदयू के साथ पटना में विलय होगा, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उपस्थित हो सकते हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक एक नेता ने दावा किया है कि आरएलएसपी 13-14 मार्च को पटना में जेडीयू के साथ विलय करेगी और इसके लिए दो दिवसीय बैठक बुलाई है। ऐसा माना जाता है कि बिहार विधानसभा 2020 में हार के बाद, उपेंद्र कुशवाहा ने विलय का फैसला किया है। यानी उपेन्द्र कुशवाहा एक बार फिर अपने सियासी गुरु की शरण में जाएंगे।

विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी रालोसपा

उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में पार्टी 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एक भी सीट जीत नहीं सकी। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार उपेन्द्र को विधान परिषद में भेज सकते हैं। 

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नीतीश होंगे राज्य में और मजबूत

रालोसपा का जदयू में विलय के बाद राज्य में नीतीश कुमार और ज्यादा मजबूत होंगे। वहीं जेडीयू के साथ आरएलएसपी के विलय की योजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है और 14 मार्च को पटना में घोषित किए जाने की उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि यह विलय जेडीयू को मजबूत करेगा और राज्य की राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा। राज्य में फिलहाल जेडीयू के केवल 43 विधायक हैं और एनडीए सरकार में एक जूनियर पार्टनर है।
नवंबर 2020 में, नीतीश कुमार ने लगातार चौथी बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। एनडीए ने 243-मजबूत बिहार विधानसभा में 125 सीटों में से अधिकांश सीटें जीतीं, जिनमें से बीजेपी ने 74 सीटें जीतीं, जेडीयू ने 43 सीटें जीतीं, जबकि एनडीए के आठ अन्य दलों ने आठ सीटें जीतीं।