Vijayan Returns in Kerala:केरल में फिर लाल सलाम, कांग्रेस कायम न रख सकी 40 साल पुरानी परंपरा

Vijayan Returns in Kerala:केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की ऐतिहासिक जीत जनता को समर्पित की।

Vijayan Returns in Kerala:केरल में फिर लाल सलाम,  कांग्रेस कायम न रख सकी 40 साल पुरानी परंपरा

Vijayan Returns in Kerala: केरल में हुए विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Election) के नतीजों में लेफ्ट डेमोकेटिक फ्रंट (LDF) फिर से सरकार बनाने की कगार पर है। यह 40 साल बाद केरल में हो रहा है कि एक पार्टी ने लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीता है। इसके साथ ही चार दशकों के बाद, यह पैटर्न टूटता दिख रहा है कि केरल में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होगा। इस बार, माकपा नीत एलडीएफ (LDF) सत्ता बचाने में सफल रही है। आपको बता दें कि (LDF) गठबंधन के दो मुख्य घटक (CPI-M) और (CPI) हैं।

सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने केरल चुनाव परिणामों पर कहा कि मैं अभूतपूर्व तरीके से विश्वास व्यक्त करने के लिए केरल के लोगों को धन्यवाद देता हूं। एलडीएफ सरकार ने लोगों की चुनौतियों का समाधान निकाला और कोरोना महामारी को भी नियंत्रित किया। कोरोना महामारी को नियंत्रित करके, केरल ने दुनिया के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने विधानसभा चुनावों (Kerala Assembly Election)  में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा  (LDF) की ऐतिहासिक जीत को जनता को समर्पित किया और कहा कि यह साबित हो गया है कि राज्य में सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) और भाजपा नीत एनडीए पर केरल सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए, विजयन (Pinarayi Vijayan) ने कहा कि लोगों ने वामपंथ को निर्णायक जनादेश देकर दुष्प्रचार को खारिज कर दिया।

विजयन (Pinarayi Vijayan) ने कहा कि राज्य के सांप्रदायिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए वामपंथ का शासन बने रहना आवश्यक है। विजयन ने कहा, कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने कई दावे किए। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव के बाद सरकार बनाने की घोषणा की। उन्होंने इस तरह का माहौल बनाने का  किया कि भाजपा केरल में कई सीटें जीत रही है। परन्तु ऐसा नहीं हुआ।

बता दें कि पिछले 40 सालों में पहली बार केरल में एक चुनी हुई सरकार अपनी सत्ता बरकरार रखने जा रही है। इससे पहले, केरल की जनता ने वामपंथियों और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को बारी-बारी सत्ता की बागडोर सौंपी है। केरल में भाजपा का खाता नहीं खुल सका।

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मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) व उनके कैबिनेट सहयोगियों एमएम मणि, केके शैलजा, एसी मोईदीन, के रामचंद्रन, के कृष्णनकुट्टी, टीपी रामकृष्णन और के चंद्रशेखरन ने भी जीत दर्ज की है। केटी जलील भी जीतन में कामयाब रहे जिन्होंने भाई-भतीजावाद के आरोपों के बाद उच्च शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। वे तवानूर से जीतने में कामयाब रहे।