विजयवर्गीय ने ममता से पूछा सवाल, जय श्री राम के नारे क्यों हुई दीदी अपमानित

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह नारा तब लगाया गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए और नेताजी रिसर्च ब्यूरो से उनकी रवानगी हुई। जब जय श्रीराम के उद्घोष हुए तो ममता दीदी ने क्यों अपमानित महसूस किया।

विजयवर्गीय ने ममता से पूछा सवाल, जय श्री राम के नारे क्यों हुई दीदी अपमानित
विजयवर्गीय ने ममता से पूछा सवाल, जय श्री राम के नारे क्यों हुई दीदी अपमानित

कोलकाता। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में 'जय श्री राम' के नारे लगाने के बाद भाषण देने से इनकार कर दिया क्योंकि वह जनता के एक हिस्से को खुश करना चाहती हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राज्य की नौ करोड़ जनता में से केवल 30 प्रतिशत लोगों की जरूरतों और हितों के प्रति संवेदनशील हैं। "जय श्री राम का प्रयोग लोगों को प्रार्थना और नमन करने के लिए किया जाता है । यह नारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और नेताजी रिसर्च ब्यूरो से उनकी रवानगी पर लगाया गया था। ममता दीदी को अपमानित क्यों महसूस कर रही थीं? जब उन्होंने जय श्री राम या भारत माता की जय सुना तो दुखी क्यों हो गए?

70 फीसदी आबादी की अनदेखी कर रही ममता 

इस बात पर जोर देते हुए कि बनर्जी का यह कदम 'राज्य के 30 प्रतिशत मतदाताओं के तुष्टीकरण के लिए' था, भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी विजयवर्गीय ने कहा, शेष 70 प्रतिशत आबादी की हमेशा अनदेखी की गई है।