Who will be Leader of Opposition: ममता को धूल चटाने वाले नंदीग्राम के नायक को बीजेपी बनाएगी विपक्ष का नेता!

Who will be Leader of Opposition: सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के पक्ष में कई ऐसे पहलू हैं जो विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। क्योंकि वह ममता बनर्जी के करीबी रहे हैं और राज्य सरकार में वह मंत्री भी रहे।

Who will be Leader of Opposition: ममता को धूल चटाने वाले नंदीग्राम के नायक को बीजेपी बनाएगी विपक्ष का नेता!

Who will be Leader of Opposition: बंगाल विधानसभा के परिणाम आने के बाद राज्य की टीएमसी सरकार आज राज्य में आधिकारिक तौर सरकार बनाएगी और राज्य में तीसरी बार ममता बनर्जी मुख्यमंत्री की शपथ लेगी। वहीं बीजेपी अभी तक विपक्ष (Leader of Opposition) के नेता पर नाम फाइनल नहीं कर सकती है। फिलहाल बीजेपी पर दबाव भी है कि वह बंगाल में विपक्ष के नेता के तौर पर सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) को नियुक्त करे। क्योंकि बंगाल की राजनीतिक लड़ाई का केंद्र रही हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम (Nandigram) सीट जीतने के बाद सुवेंदु का कद बढ़ गया है। ऐसा माना जाता है कि सुवेंदु (Suvendu Adhikari) विपक्ष (Leader of Opposition) के नेता के पद के हकदार हैं क्योंकि उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी को हराकर इतिहास रचा है। 

हालांकि इस पद के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले अन्य नेताओं में, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय दूसरे स्थान पर हैं। बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों में सुवेन्दु अधकारी (Suvendu Adhikari) प्रमुख नेता के रूप में उभरे हैं। मतगणना के अंतिम दौर के बाद, ममता को आधिकारिक रूप से 1,900 से अधिक मतों से हराया है। वहीं वह बंगाल में बीजेपी की जीत के महानायक बने हैं। सुवेंदु (Suvendu Adhikari) तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं और उनकी जीत को भगवा पार्टी के लिए एक मात्र मनोबल की जीत के तौर देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी ने 292 में से 213 सीटें जीती हैं। 

वर्तमान में, अधिकारी भाजपा के हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के बारे में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है कि पार्टी केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा करने के बाद ही कोई फैसला करेगी। किसी दौर में सुवेंदु (Suvendu Adhikari) को ममता बनर्जी का खास माना जाता था और ममता के भतीजे के बढ़ते कद के कारण सुवेंदु के साथ मतभेद हो गए और वे भाजपा में शामिल हो गए। बंगाल की राजनीति में अधकारी परिवार का वर्चस्व रहा है। 

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सुवेंदु के पक्ष में कई कारण

सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के पक्ष में कई ऐसे पहलू हैं जो विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के तौर पर उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। क्योंकि वह ममता बनर्जी के करीबी रहे हैं और राज्य सरकार में वह मंत्री भी रहे। लिहाजा ममता बनर्जी के प्लस और माइनस को अच्छी तरह से जानते हैं। वहीं बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद वह महानायक के तौर पर उभरे हैं। क्योंकि उन्होंने ममता बनर्जी की बड़ी शिकस्त दी है।